Report: Santosh Saravgee
Mukhyamantri Jan Vishwas Abhiyan ग्वालियर जिले के बिलौआ में शनिवार को “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 126 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश मामलों का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई। दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, फार्मर आईडी और राजस्व मामलों के समाधान जैसी कई सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।
घर के पास मिली सुविधाएं, दिव्यांगों और ग्रामीणों को राहत
Mukhyamantri Jan Vishwas Abhiyan शिविर में कई ऐसे लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया, जो लंबे समय से सरकारी सहायता और दस्तावेजों की प्रतीक्षा कर रहे थे। दिव्यांगजनों के लिए मेडिकल बोर्ड की व्यवस्था की गई, जहां प्रमाण-पत्र जारी किए गए। वहीं कई हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए और भूमि विवादों से जुड़े मामलों का निराकरण कर राजस्व अभिलेखों में आवश्यक सुधार भी किए गए।

Mukhyamantri Jan Vishwas Abhiyan संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर रुचिका चौहान, एसएसपी धर्मवीर सिंह और जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत सहित अन्य अधिकारियों ने शिविर में मौजूद रहकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति दी।
उद्यमियों ने साझा की सफलता की कहानी
Mukhyamantri Jan Vishwas Abhiyan शिविर में स्थानीय लघु उद्यमियों ने शासन की योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और मुद्रा योजना के माध्यम से स्वरोजगार शुरू करने वाले युवाओं ने बताया कि सरकारी सहायता से वे न केवल आत्मनिर्भर बने, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।
उद्यमियों ने युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय शुरू करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उद्यमी संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों पर चर्चा हुई।
शिविर से पहले कलेक्टर ने किया संस्थाओं का निरीक्षण
Mukhyamantri Jan Vishwas Abhiyan जन-विश्वास शिविर के आयोजन से पहले कलेक्टर रुचिका चौहान ने बिलौआ के स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, आंगनबाड़ी केंद्र और शासकीय स्कूलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।
स्कूलों में शैक्षणिक संसाधनों की कमी, स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं और आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही शासकीय संस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता सुधार पर भी जोर दिया गया।




