Hockey World Cup 2026: मेडल की दौड़ से बाहर होने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम को वर्ल्ड कप के अपने आखिरी मुकाबले में भी हार का सामना करना पड़ा। बेल्जियम के खिलाफ खेले गए मैच में निर्धारित समय तक दोनों टीमें 3-3 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिए हुआ, जहां बेल्जियम ने भारत को 4-3 से हरा दिया। इस हार के साथ भारतीय टीम टूर्नामेंट में 8वें स्थान पर रही।
भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि अभिषेक ने एक गोल दागा। भारतीय टीम ने मुकाबले में कई मौकों पर अच्छी वापसी की, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में बेल्जियम के गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन के सामने भारतीय खिलाड़ी लक्ष्य भेदने में सफल नहीं हो सके।
Hockey World Cup 2026: अभिषेक के गोल से भारत ने की शानदार शुरुआत
मुकाबले की शुरुआत भारतीय टीम ने आक्रामक अंदाज में की। खेल के छठे मिनट में अभिषेक ने गोल करके भारत को शुरुआती बढ़त दिला दी। शुरुआती बढ़त के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा और खिलाड़ियों ने बेल्जियम के हमलों को रोकने पर भी पूरा ध्यान दिया।
हालांकि, इसी दौरान भारतीय टीम से एक बड़ी गलती हुई। मैदान पर निर्धारित संख्या से ज्यादा खिलाड़ी होने के कारण कप्तान हरमनप्रीत सिंह को येलो कार्ड दिखाया गया। उन्हें पांच मिनट के लिए मैदान से बाहर रहना पड़ा। कप्तान की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय डिफेंस ने पहले क्वार्टर में बेल्जियम को गोल करने से रोककर बढ़त कायम रखी।
Hockey World Cup 2026: बेल्जियम ने दो मिनट में किए दो गोल
दूसरे क्वार्टर में मुकाबले का रुख तेजी से बदल गया। बेल्जियम ने लगातार हमले करते हुए महज दो मिनट के अंतराल में दो गोल कर दिए। 22वें मिनट में रोमन डुवेकोट ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके तुरंत बाद 23वें मिनट में ह्यूगो लाबूचेर ने पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए गोल कर दिया। इस गोल के साथ बेल्जियम ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। भारतीय टीम को इस दौरान अपने डिफेंस पर काफी दबाव झेलना पड़ा।
Hockey World Cup 2026: हरमनप्रीत ने तीसरे क्वार्टर में कराई वापसी
बेल्जियम की बढ़त के बाद भारतीय टीम ने दूसरे हाफ में वापसी के लिए आक्रामक खेल दिखाया। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार गोल करके भारत को फिर मुकाबले में ला दिया।
उनके गोल से स्कोर 2-2 हो गया और दोनों टीमों के बीच मुकाबला एक बार फिर बराबरी पर पहुंच गया। इसके बाद दोनों टीमों ने बढ़त हासिल करने के लिए लगातार हमले किए, लेकिन बेल्जियम ने चौथे क्वार्टर में एक और गोल करके भारत पर 3-2 की बढ़त बना ली।
Hockey World Cup 2026: मैच खत्म होने से 20 सेकंड पहले हरमनप्रीत का कमाल
भारत हार की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने आखिरी पलों में शानदार वापसी कराई। मैच खत्म होने में सिर्फ 20 सेकंड बाकी थे, तभी भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला।
हरमनप्रीत ने इस मौके को गोल में बदलते हुए स्कोर 3-3 कर दिया। उनके इस गोल से मुकाबला निर्धारित समय में बराबरी पर समाप्त हुआ और विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट से करने का निर्णय लिया गया।
Hockey World Cup 2026: शूटआउट में भारत ने बनाए तीन गोल
पेनल्टी शूटआउट में भारत ने अच्छी शुरुआत की। शिलानंद, दिलप्रीत और अभिषेक ने अपने शुरुआती तीनों प्रयासों को गोल में बदलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
इसके बाद भारतीय टीम के पास मुकाबला अपने नाम करने का मौका था, लेकिन आखिरी दो प्रयासों में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और सुखजीत गोल नहीं कर सके। दूसरी ओर बेल्जियम के खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतर प्रदर्शन किया।
बेल्जियम के चार खिलाड़ियों ने अपने प्रयासों को गोल में बदला, जबकि केवल एक खिलाड़ी अपने शॉट को गोल में नहीं बदल सका। इस तरह बेल्जियम ने शूटआउट 4-3 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
Hockey World Cup 2026: 51 साल बाद मेडल जीतने का सपना अधूरा
भारतीय टीम वर्ल्ड कप में 51 साल के लंबे अंतराल के बाद मेडल जीतने के लक्ष्य के साथ उतरी थी। टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में टीम ने अच्छी शुरुआत भी की। भारत ने वेल्स को 3-1 और पाकिस्तान को 5-3 से हराकर अगले चरण में जगह बनाई।
हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम को 2-4 से हार मिली। इसके बाद दूसरे दौर में भारत के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली। टीम को नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 और अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 से हार का सामना करना पड़ा।
Hockey World Cup 2026: दूसरे दौर में जीत के लिए तरसती रही टीम इंडिया
नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना के खिलाफ लगातार हार के कारण भारत सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया था। इसके बाद टीम के सामने टूर्नामेंट का बेहतर अंत करने की चुनौती थी।
आखिरी मुकाबले में भारत ने बेल्जियम के खिलाफ कड़ी टक्कर दी और निर्धारित समय में 3-3 की बराबरी भी हासिल की, लेकिन शूटआउट में बाजी बेल्जियम के हाथ लगी। इस तरह भारतीय टीम वर्ल्ड कप में 8वें स्थान पर रही और मेडल जीतने का उसका इंतजार एक बार फिर बढ़ गया।




