BY: Yoganand Shrivastva
Odisha Vigilance ओडिशा के क्योंझर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला श्रम अधिकारी आकाश बिसोई को 20 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि अधिकारी एक इलेक्ट्रिकल ठेकेदार से लेबर लाइसेंस जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने अधिकारी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया।
लेबर लाइसेंस के बदले मांगी थी रिश्वत
Odisha Vigilance जानकारी के मुताबिक, एक इलेक्ट्रिकल ठेकेदार ने अपनी एजेंसी के लिए लेबर लाइसेंस हासिल करने के लिए 14 अगस्त को ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन के बाद जिला श्रम अधिकारी आकाश बिसोई ने लाइसेंस जारी करने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान ठेकेदार ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से कर दी।
जाल बिछाकर अधिकारी को पकड़ा
Odisha Vigilance शिकायत मिलने के बाद ओडिशा विजिलेंस ने मामले की जांच की और ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। 30 अगस्त की शाम क्योंझर में अधिकारी को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया गया। विजिलेंस टीम ने रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर जब्त कर ली। इसके बाद अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
सरकारी आवास से लाखों की नकदी और सोना मिला
Odisha Vigilance रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने अधिकारी से जुड़े दो ठिकानों पर तलाशी ली। इस दौरान क्योंझर स्थित सरकारी आवास से 7 लाख 29 हजार 200 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा करीब 300 ग्राम सोने के आभूषण भी मिलने की जानकारी सामने आई है। विजिलेंस अब बरामद संपत्ति के स्रोत और अधिकारी की आय के बीच संबंध की जांच कर रही है।
मामले में बालेश्वर विजिलेंस थाना में केस दर्ज किया गया है। अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल विजिलेंस टीम रिश्वतखोरी के साथ-साथ कथित आय से अधिक संपत्ति के एंगल से भी जांच आगे बढ़ा रही है।




