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रिकॉर्ड हाई से 10% फिसला सोना, कीमत में और गिरावट की आशंका – जानें वजहें

BY: Yoganand Shrivastva

नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की चमक फीकी पड़ती जा रही है। अप्रैल में जहां इसकी कीमत ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, वहीं अब यह करीब ₹92,000 प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क चुका है। यानी सोना अब तक लगभग ₹8,000 सस्ता हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसी तरह की गिरावट देखने को मिल रही है, और विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह ट्रेंड आगे भी जारी रह सकता है।

वैश्विक स्तर पर भी गिरा सोना

अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सोने की कीमत अप्रैल में जहां $3,500 प्रति औंस तक पहुंची थी, वह अब घटकर लगभग $3,140 प्रति औंस हो गई है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनावों में राहत, डॉलर की मजबूती और निवेशकों का रुझान जोखिम वाली संपत्तियों की ओर बढ़ने से सोने की कीमतों में यह गिरावट दर्ज की गई है।

सोना और सस्ता हो सकता है – जानिए अनुमान

ऑल बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन योगेश सिंघल का कहना है कि इतिहास बताता है कि जब बाजार में स्थिरता आती है, तो सोने में बड़ी गिरावट देखने को मिलती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 2013 में भी इसी तरह के हालात बने थे और सोना भारी मात्रा में टूटा था।

अगर आने वाले महीनों में परिस्थिति 2013 जैसी बनती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $3,230 से गिरकर लगभग $1,820 प्रति औंस तक आ सकता है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ेगा और कीमतें घटकर ₹55,000 से ₹60,000 प्रति 10 ग्राम तक आ सकती हैं।

ये हैं कीमत गिरने की 5 प्रमुख वजहें

  1. भारत-पाकिस्तान में तनाव में राहत
    12 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान ने आपसी संघर्ष विराम की घोषणा की। इससे क्षेत्र में शांति का संकेत मिला, जिसके चलते निवेशकों ने सोने जैसे ‘सुरक्षित निवेश विकल्प’ से दूरी बनाई और कीमतों में गिरावट आई।
  2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
    अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.5% के ऊपर पहुंच गई है। डॉलर की मजबूती के कारण सोना महंगा हो जाता है, जिससे निवेशकों की रुचि घटती है और दाम नीचे आते हैं।
  3. अमेरिका-चीन व्यापार विवाद में नरमी
    टैरिफ में कटौती को लेकर अमेरिका और चीन के बीच बनी सहमति ने वैश्विक व्यापार माहौल को स्थिर किया है। इससे जोखिम भरे निवेशों की ओर रुझान बढ़ा है और सोने की मांग घट गई है।
  4. बाजार में मुनाफावसूली
    अप्रैल में जब सोना ₹1 लाख के स्तर को छूने लगा था, तब कई निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इस मुनाफावसूली से बाजार में बिकवाली बढ़ी और दाम नीचे आ गए।
  5. शेयर बाजारों में रफ्तार
    वैश्विक शेयर बाजारों में हालिया उछाल ने निवेशकों को आकर्षित किया है। नतीजतन, सोने से निकला पैसा अब शेयरों में लगाया जा रहा है, जिससे सोने की मांग और कीमत दोनों घट रहे हैं।

क्या निवेशकों को घबराना चाहिए?

विशेषज्ञ मानते हैं कि भले ही अभी कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही हो, लेकिन दीर्घकालिक नजरिए से सोना एक मजबूत निवेश विकल्प बना रहेगा। अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो यह गिरावट आपके लिए एक अच्छा मौका हो सकती है।

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