उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म ‘अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ को बॉम्बे हाईकोर्ट से रिलीज़ की हरी झंडी मिल गई है। अदालत की मंजूरी के बाद अब यह फिल्म जल्द ही बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली है।
कोर्ट ने क्या कहा?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने से इनकार किया। कोर्ट का कहना है कि:
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और रचनात्मक आज़ादी को रोकना उचित नहीं है।
- केवल तभी रोक लगाई जा सकती है जब यह साबित हो कि फिल्म से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
- फिल्म में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया।
सेंसर बोर्ड की आपत्तियां और समाधान
फिल्म ‘अजय’ पर शुरू में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने कई आपत्तियां जताई थीं।
- फिल्म के कुछ सीन और डायलॉग्स को लेकर बोर्ड ने एडिट की सिफारिश की।
- निर्माताओं ने फिल्म में तीन पंक्तियों का अस्वीकरण (disclaimer) शामिल किया, जिसमें कहा गया कि यह काल्पनिक है और वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है।
- अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया और CBFC की एडिटिंग की सिफारिश को खारिज कर दिया।
फिल्म के बारे में
- फिल्म ‘द मॉन्क हू बिकम चीफ मिनिस्टर’ किताब से प्रेरित है।
- इसे सम्राट सिनेमैटिक्स के बैनर तले बनाया गया है।
- रिलीज़ डेट की घोषणा जल्द ही निर्माता करेंगे।
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योगी आदित्यनाथ की ज़िंदगी पर आधारित यह फिल्म राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से बेहद चर्चित होने वाली है। बॉम्बे हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद अब दर्शक जल्द ही इस फिल्म का आनंद ले सकेंगे।





