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अमित शाह vs ओवैसी: वक्फ बिल पर जंग, किसकी चली चाल?

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नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2025 – कल देर रात लोकसभा ने वक्फ (संशोधन) बिल, 2025 को मंजूरी दे दी। यह बिल 288 वोटों के पक्ष और 232 वोटों के विरोध में पास हुआ। करीब 12 घंटे तक चली बहस के बाद यह फैसला हुआ।


बिल क्या है और क्यों लाया गया?

वक्फ संपत्तियाँ वे जमीनें या इमारतें हैं जो मुस्लिम समुदाय के लोग धार्मिक या सामाजिक कार्यों के लिए दान करते हैं। इनका प्रबंधन वक्फ बोर्ड करता है।

बिल के मुख्य उद्देश्य:

  1. भ्रष्टाचार रोकना – कई वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा है।
  2. पारदर्शिता – डिजिटल सिस्टम से संपत्तियों का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
  3. गरीब मुसलमानों का फायदा – वक्फ की आमदनी सही जगह इस्तेमाल हो।

बिल के प्रमुख प्रावधान

1. वक्फ बोर्ड में बदलाव

  • अब तक वक्फ बोर्ड में सिर्फ मुस्लिम सदस्य होते थे। नए बिल में:
    • गैर-मुस्लिम सदस्य भी शामिल होंगे।
    • कम से कम 2 महिला सदस्य होंगी।
    • संसद के 3 सदस्य (2 लोकसभा + 1 राज्यसभा) भी बोर्ड में होंगे।

2. संपत्ति का डिजिटलीकरण

  • सभी वक्फ संपत्तियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड बनेगा।
  • 6 महीने के अंदर सभी संपत्तियों को रजिस्टर करना होगा, नहीं तो उन्हें वक्फ संपत्ति नहीं माना जाएगा।

3. ट्राइब्यूनल में बदलाव

  • पहले वक्फ ट्राइब्यूनल के फैसले के खिलाफ कोर्ट में अपील नहीं हो सकती थी।
  • अब हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सकेगी।

4. सरकारी हस्तक्षेप

  • केंद्र सरकार वक्फ काउंसिल बनाएगी, जो राज्यों के वक्फ बोर्ड पर नजर रखेगी।

किसने समर्थन किया? किसने विरोध किया?

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समर्थन में क्या कहा गया?

  • अमित शाह (गृह मंत्री):
    “यह बिल मुसलमानों के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ है। वक्फ की जमीनें गरीबों के काम आएँ, यही हमारा मकसद है।”
  • किरेन रिजिजू (अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री):
    “हमने 284 संगठनों से सुझाव लिए। यह बिल पारदर्शिता लाएगा।”
  • तेलुगु देशम पार्टी (TDP):
    “हम इस बिल का समर्थन करते हैं क्योंकि यह मुस्लिम समुदाय के हित में है।”

विरोध में क्या कहा गया?

  • राहुल गांधी (कांग्रेस):
    “यह बिल मुसलमानों के अधिकार छीनने की साजिश है। RSS और BJP संविधान को खत्म करना चाहते हैं।”
  • असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM):
    “यह बिल असंवैधानिक है। गाँधी जी की तरह मैं भी इस बिल को फाड़ता हूँ।” (उन्होंने बिल की कॉपी फाड़ दी)
  • मेहबूबा मुफ्ती (PDP):
    “यह बिल मुसलमानों को कमजोर करने के लिए लाया गया है।”

क्या होगा अब?

  • बिल अब राज्यसभा में जाएगा।
  • अगर वहाँ भी पास हो जाता है, तो राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा।

लोग क्या कह रहे हैं?

  • #WaqfBill और #SaveWaqf ट्रेंड कर रहे हैं।
  • मुस्लिम संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
  • BJP समर्थकों का कहना है कि यह बिल देश के हित में है।

निष्कर्ष

सरकार का कहना है कि यह बिल पारदर्शिता और विकास के लिए है, जबकि विपक्ष इसे मुस्लिम विरोधी बता रहा है। अगले कुछ दिनों में राजनीतिक बहस और तेज होगी।

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