BY
Yoganand Shrivastava
JPSC Exam Controversy झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। राजधानी रांची में जारी प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के युवा और छात्र सरकार की प्राथमिकता हैं तथा उनके साथ पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय किया जाएगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाएं और किसी भ्रम में न रहें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के खिलाफ साजिशें की जा रही हैं, लेकिन सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रक्रिया में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
JPSC Exam Controversy: JPSC परीक्षा रद्द करने पर सहमति, CBI जांच पर अड़ी सरकार
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार छात्रों की कई प्रमुख मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है। इनमें JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा जिन परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उनकी जांच राज्य की एजेंसियों से कराने पर भी सहमति बनती दिखाई दे रही है।
हालांकि, छात्रों की सबसे प्रमुख मांग CBI जांच को लेकर सरकार फिलहाल तैयार नहीं है। सरकार का कहना है कि मामले की जांच राज्य स्तर की एजेंसियों के माध्यम से कराई जा सकती है। इसी मुद्दे पर छात्रों और सरकार के बीच मतभेद बरकरार है।
JPSC Exam Controversy विधानसभा मार्च की चेतावनी, वार्ता जारी
छात्र संगठनों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि सरकार को अपनी सहमति लिखित रूप में देनी होगी।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर स्पष्ट और लिखित निर्णय नहीं लिया गया, तो 10 अगस्त को विधानसभा मार्च आयोजित किया जाएगा। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच वार्ता का दौर जारी है और सभी की निगाहें सरकार के अगले आधिकारिक फैसले पर टिकी हुई हैं।
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