Report: Sanjeev kumar
Bokaro पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर भाजपा में भारी आक्रोश है। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर रविवार को बोकारो के नया मोड़ चौक पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंका। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ममता सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राष्ट्रपति के प्रति उनके व्यवहार को ‘संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन’ करार दिया।
आदिवासी अस्मिता और संवैधानिक गरिमा का सवाल
Bokaro प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू न केवल देश की प्रथम नागरिक हैं, बल्कि वे आदिवासी समाज की गौरव भी हैं। नेताओं का आरोप है कि एक आदिवासी महिला के सर्वोच्च पद पर होने के कारण ममता बनर्जी ने द्वेषपूर्ण व्यवहार किया है। भाजपा ने इसे पूरे आदिवासी समाज का अपमान बताया और कहा कि संवैधानिक पद पर बैठी महिला मुख्यमंत्री द्वारा ऐसी हरकत किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
ममता बनर्जी के खिलाफ आक्रोश और नारेबाजी
Bokaro नया मोड़ पर जुटे दर्जनों कार्यकर्ताओं ने ‘ममता बनर्जी मुर्दाबाद’ और ‘नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राष्ट्रपति पूरे देश की होती हैं, किसी दल की नहीं। उनके दौरे के समय शिष्टाचार की कमी दिखाना यह दर्शाता है कि ममता बनर्जी के मन में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों के प्रति कोई सम्मान नहीं है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
भाजपा की चेतावनी: “बर्दाश्त नहीं होगा अपमान”
Bokaro एसटी मोर्चा के जिला स्तरीय नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि ममता बनर्जी इस व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगती हैं, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासी समाज के अधिकारों और उनके प्रतीकों के सम्मान के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से भी इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की।





