Vijay Nandan (वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल एडिटर)
Budget Session 2026 : नई दिल्ली, संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारंपरिक जवाब के बिना ही पारित कर दिया। यह स्थिति वर्ष 2004 के बाद पहली बार देखने को मिली, जब प्रधानमंत्री के संबोधन के बिना ही यह प्रस्ताव पारित हुआ।
Budget Session 2026 : ANI ने सूत्रों के हवाले से किया दावा
इस घटनाक्रम के बीच एक बड़ा राजनीतिक विवाद भी सामने आया। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि कांग्रेस के कुछ सांसद लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शारीरिक हमला करने की योजना बना रहे थे। एजेंसी के अनुसार, इस कथित योजना में महिला सांसदों को कवर के रूप में आगे रखने की बात कही गई थी। हालांकि, यह योजना अमल में नहीं आ सकी।

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री संसद में मौजूद थे और सदन को संबोधित करने के लिए तैयार भी थे, लेकिन लगातार हो रहे व्यवधान और हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लिया। इसी कारण यह कथित साजिश सफल नहीं हो पाई।
There is no question of anybody raising a hand against the Prime Minister or hurting him, or of anything like that. There is no question. So, it is absolutely wrong for anyone to say that there was any such plan. There was no such plan.
— Congress (@INCIndia) February 5, 2026
If you are going to allow your members to… pic.twitter.com/kkDgYVoo6I
Budget Session 2026 : प्रियंका गांधी ने आरोपों को निराधार बताया
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह महज बकवास है और सरकार इस तरह के दावे फैलाकर विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। प्रियंका गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को बचाने के लिए स्पीकर की आड़ ली जा रही है और महिला सांसदों की उपस्थिति को अनावश्यक रूप से मुद्दा बनाया जा रहा है।

गौरतलब है कि बुधवार को भी लोकसभा की कार्यवाही विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के कारण बार-बार बाधित हुई। अंततः लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ध्वनिमत के जरिए धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निचले सदन को संबोधित नहीं कर सके।
Budget Session 2026 : पीएम मोदी के भाषण से पहले क्या हुआ था ?
बुधवार को शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर ली थीं। इनमें प्रधानमंत्री मोदी की कुर्सी भी थी। विपक्षी महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था, जो सही है, वो करो। ये सांसद मंगलवार को हंगामे के बाद 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन का विरोध कर रही थीं। हंगामे के चलते लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। कुछ मंत्रियों ने विपक्षी सांसदों से जाने को कहा, इसके बाद उन्होंने घेराव बंद भी किया। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारंपरिक जवाब के बिना ही पारित कर दिया। यह स्थिति वर्ष 2004 के बाद पहली बार देखने को मिली।





