Vijay Nandan (वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल एडिटर)
Parliament Budget Session 2026 : नई दिल्ली, संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), डीएमके और वामपंथी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद आम नागरिकों के जीवन में बदलाव लाने को कभी प्राथमिकता नहीं दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्षी दल केवल वोट बैंक और अपनी जेबें भरने की राजनीति करते रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की जनता मौजूदा सरकार से परेशान है और अदालतों के सहारे घुसपैठियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दलों को अपनी कमियों पर भी आत्ममंथन करना चाहिए।
Parliament Budget Session 2026 : आज भारत आत्मविश्वास के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है
पीएम मोदी ने देश की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के समय भारत विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों के कारण देश ग्यारहवें स्थान तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि आज भारत आत्मविश्वास के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया के कई विकसित देश वृद्ध होती आबादी की चुनौती से जूझ रहे हैं, जबकि भारत दिन-प्रतिदिन युवा होता जा रहा है। यह युवा शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है।
Parliament Budget Session 2026 : पहले बोफोर्स जैसे घोटालों का जिक्र होता था, आज डील का जिक्र होता है
व्यापार और वैश्विक संबंधों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जब अंतरराष्ट्रीय समझौतों की बात होती थी, तो बोफोर्स जैसे घोटालों का जिक्र होता था, लेकिन आज भारत यूरोपीय संघ समेत कई बड़े देशों के साथ भविष्य उन्मुख व्यापार समझौते कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब कोई भी देश भारत के साथ समझौता करने को तैयार नहीं था, लेकिन आज भारत वैश्विक मंच पर भरोसेमंद साझेदार बन चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के पास न तो कोई स्पष्ट विचार है, न दूरदृष्टि और न ही कोई ठोस योजना। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पिछली सरकारों द्वारा छोड़ी गई अव्यवस्था को सुधारने में जुटी है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ‘कमजोर पांच’ देशों की श्रेणी से बाहर निकलकर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि उच्च विकास दर और नियंत्रित महंगाई भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में रुकना नहीं है। 21वीं सदी का दूसरा भाग भारत के लिए निर्णायक साबित होगा और देश विकसित भारत के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व एक नई वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जिसमें भारत की भूमिका एक ‘विश्व बंधु’ के रूप में उभर रही है।

हालांकि, प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। सदन में “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए गए, जिसके बाद कुछ देर तक हंगामा चलता रहा। अंततः विपक्षी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए, जबकि प्रधानमंत्री ने अपना भाषण जारी रखा।





