BY
Yoganand Shrivastava
Lucknow news: तालकटोरा करबला से चोरी हुआ ईरानी नस्ल का दुलदुल घोड़ा आखिरकार यूपी पुलिस ने बरामद कर लिया है। करीब दस लाख रुपये कीमत के इस घोड़े की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं। पुलिस ने घोड़ा चोरी करने वाले आरोपी और उसे खरीदने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया है।
सीसीटीवी फुटेज से शुरू हुई जांच
घोड़े की चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी। वीडियो में एक युवक घोड़े की लगाम पकड़कर उसे ले जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
सौ से अधिक कैमरों की जांच के बाद मिली सफलता
तालकटोरा करबला और आसपास के रास्तों में लगे लगभग सौ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले। इन्हीं सबूतों के आधार पर घोड़े को उन्नाव से बरामद कर लिया गया और आरोपियों को पकड़ लिया गया।
धार्मिक आस्था से जुड़ा है दुलदुल
बरामद किया गया दुलदुल घोड़ा सिर्फ कीमती ही नहीं, बल्कि शिया समुदाय की धार्मिक आस्था का भी प्रतीक है। मुहर्रम और चेहल्लुम के जुलूसों में यह घोड़ा सबसे आगे चलता है। परंपरा के अनुसार लोग इस घोड़े पर सवारी नहीं करते, बल्कि श्रद्धा के साथ उसे छूते और चूमते हैं।
दुलदुल हाउस से हुई थी चोरी
तालकटोरा करबला परिसर में इस घोड़े के लिए अलग से दुलदुल हाउस बनाया गया था। चोरों ने ताला तोड़कर घोड़े को बाहर निकाला था। घटना के बाद घोड़े की तलाश में मदद करने वाले के लिए 50 हजार रुपये इनाम की घोषणा भी की गई थी।
देखभाल और खासियत
ईरानी नस्ल का यह घोड़ा पूरे लखनऊ में गिने-चुने स्थानों पर ही पाया जाता है। इसे करीब डेढ़ साल पहले उत्तराखंड से खरीदा गया था। इसकी देखभाल पर हर महीने लगभग 30 हजार रुपये खर्च होते हैं।
मालिकों को मिली राहत
घोड़ा वापस मिलने के बाद उसके देखभालकर्ताओं और मालिकों ने राहत की सांस ली है। तालकटोरा थाने लाए जाने के बाद दुलदुल को सुरक्षित उनके हवाले करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस की सराहनीय कार्रवाई
यूपी पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते धार्मिक आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण घोड़े को सुरक्षित वापस लाया जा सका। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।





