Report: Vandna Rawat
Lucknow उत्तर प्रदेश में पारा चढ़ने के साथ ही योगी सरकार ने गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं को गर्मी और लू के प्रकोप से बचाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार को सरकार ने प्रदेश के सभी जनपदों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसमें गो-आश्रय स्थलों पर कूलर, पंखे और वाटर मिस्टिंग सिस्टम (फॉगर) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि पशुओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Lucknow गो-आश्रय स्थलों में ‘कूलिंग सिस्टम’ और स्वच्छ पेयजल अनिवार्य
भीषण गर्मी को देखते हुए पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे हर आश्रय स्थल पर पर्याप्त छाया, कूलर और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। विशेष रूप से लू से बचाव के लिए ‘वाटर मिस्टिंग सिस्टम’ लगाने पर जोर दिया गया है, जो वातावरण को ठंडा रखने में सहायक होता है। इसके अतिरिक्त, पशुओं के लिए 24 घंटे स्वच्छ और शीतल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं।

Lucknow अतिक्रमण मुक्त होंगी चारागाह भूमि, उगेगी ‘नेपियर घास’
अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, प्रदेश में चारे के संकट को दूर करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत चारागाह की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। खाली कराई गई भूमि पर उन्नत किस्म की हाइब्रिड नेपियर घास की बुआई की जाएगी, ताकि पशुओं को साल भर हरा चारा मिल सके। इसके अलावा, प्राकृतिक छाँव के लिए परिसरों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया जा रहा है।

Lucknow भूसा दान में जौनपुर और महाराजगंज समेत 10 जिले अव्वल
प्रदेश में ‘भूसा दान’ अभियान को जन-आंदोलन का रूप मिल रहा है। महाराजगंज, जौनपुर, बलिया, वाराणसी, और सहारनपुर सहित 10 जनपद इस नेक कार्य में सबसे आगे हैं। जौनपुर जिलाधिकारी द्वारा भूसा दान करने वालों को ‘पुण्य की एफडी’ प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करने की पहल की सराहना की गई है। वहीं, आज़मगढ़ और बागपत जैसे जिलों में फॉगर और विशेष कूलिंग सिस्टम की बेहतरीन व्यवस्था पाई गई है। सरकार ने अन्य जिलों से भी इस मॉडल को अपनाने की अपील की है।
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