Strait of Hormuz: फारस की खाड़ी से होकर गुजरने वाला मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला LPG कैरियर ‘सर्व शक्ति’ अब भारत की ओर बढ़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने के बाद Indian Navy ने इस जहाज को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया है। 3 मई तक यह जहाज ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना की निगरानी में देखा गया। यह हाल के दिनों में भारत के ऊर्जा हितों के लिए सुरक्षित किए गए 12वें व्यापारिक जहाज के रूप में सामने आया है।
Strait of Hormuz: 46 हजार टन LPG लेकर भारत आ रहा टैंकर
रविवार को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘सर्व शक्ति’ नाम का यह LPG टैंकर 46,313 टन गैस लेकर भारत आ रहा है। समाचार एजेंसी Press Trust of India (PTI) के अनुसार, इस जहाज पर कुल 20 क्रू सदस्य सवार हैं, जिनमें 18 भारतीय शामिल हैं।
Strait of Hormuz: 13 मई तक विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद

यह जहाज 2 मई को Strait of Hormuz पार कर चुका है और इसके 13 मई तक Visakhapatnam पहुंचने की संभावना है। जहाज में मौजूद LPG की मात्रा इतनी है कि यह भारत की आधे दिन की जरूरत को पूरा कर सकती है। ईरान युद्ध के चलते गैस आपूर्ति पर असर के बीच इसका भारत पहुंचना बड़ी राहत माना जा रहा है।
Strait of Hormuz: IOC ने चार्टर पर लिया है जहाज
शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, रविवार शाम तक टैंकर ओमान की खाड़ी में मौजूद था। यह जहाज पहले भी फारस की खाड़ी और भारतीय बंदरगाहों के बीच संचालित होता रहा है। इसे सरकारी कंपनी Indian Oil Corporation (IOC) ने चार्टर पर लिया है।
Strait of Hormuz: युद्ध क्षेत्र पार करने वाला पहला भारतीय टैंकर
‘सर्व शक्ति’ भारत से जुड़ा पहला ऐसा टैंकर है जिसने अमेरिकी नाकाबंदी के बाद होर्मुज को पार किया है। कुछ हफ्ते पहले अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लगा दी थी, जिसके चलते इस मार्ग से यातायात लगभग ठप हो गया था।
3 मई तक करीब 14 भारतीय झंडे वाले या भारत से जुड़े जहाज अभी भी होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने उस समय बंद कर दिया था जब अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव चरम पर पहुंच गया था।
Strait of Hormuz: भारतीय एजेंसियां लगातार निगरानी में जुटीं
सरकारी बयान के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भारतीय जहाजों से जुड़ी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि जहाजों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट के मुताबिक, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग के कंट्रोल रूम ने अब तक हजारों कॉल और ईमेल हैंडल किए हैं। साथ ही भारत सरकार अब तक हजारों नाविकों की सुरक्षित वापसी में भी मदद कर चुकी है।
Strait of Hormuz: पहले भी टैंकरों को लेना पड़ा था यू-टर्न
इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में कई भारतीय टैंकरों को फारस की खाड़ी में यू-टर्न लेना पड़ा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाज मालिकों और व्यापारियों के बीच इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि ईरान इस अहम समुद्री मार्ग को सभी जहाजों के लिए खुला रखेगा या नहीं।
बताया गया है कि इस दौरान भारत से जुड़े एक जहाज पर फायरिंग की घटना भी सामने आ चुकी है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
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