रिपोर्ट:-अबरार अहमद
Saharanpur सहारनपुर जिले में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अब तक का सबसे सख्त अभियान छेड़ा है। साल 2026 के शुरुआती चार महीनों के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि अब सड़कों पर लापरवाही बरतने वालों की खैर नहीं है। एसएसपी अभिनंदन के निर्देशन में ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई का नया रिकॉर्ड कायम किया है।
Saharanpur महज 120 दिनों में ₹13 करोड़ का जुर्माना
ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 01 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 के बीच जिले में करीब 1 लाख वाहन चालकों के चालान काटे गए हैं। इन चालानों के माध्यम से कुल 13 करोड़ रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है। पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक ₹1 करोड़ 11 लाख से अधिक की जुर्माना राशि वसूली भी जा चुकी है।
Saharanpur मैदानी स्तर पर कड़ा अनुशासन और सघन चेकिंग
इस व्यापक कार्रवाई के पीछे एसपी ट्रैफिक शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव का प्रभावी नेतृत्व और ट्रैफिक प्रभारी अमित तोमर की टीम की कड़ी मेहनत है। शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर नेशनल हाईवे तक, पुलिस बल दिन-रात मुस्तैद नजर आ रहा है।
- बिना हेलमेट और सीट बेल्ट: सबसे अधिक कार्रवाई सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर हुई।
- ओवरस्पीडिंग और ट्रिपल राइडिंग: हाईवे पर रफ़्तार और शहर में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वालों पर शिकंजा कसा गया।
- अवैध पार्किंग: सड़कों पर जाम का कारण बनने वाले वाहनों को भी नहीं बख्शा गया।
Saharanpur सख्ती का उद्देश्य: राजस्व नहीं, सड़क सुरक्षा
ट्रैफिक पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि यह अभियान केवल राजस्व जुटाने के लिए नहीं, बल्कि आमजन को जागरूक करने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए है। अधिकारियों का कहना है कि सहारनपुर की सड़कों पर अब नियमों का पालन करना विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य है। इस सख्त रुख के कारण अब शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार दिखने लगा है और नियम तोड़ने वाले चालकों में साफ तौर पर हड़कंप देखा जा रहा है।





