संवाददाता: सुनील ठोसरे
Indore मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर और प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर के बीच कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए ‘इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर’ का सपना अब धरातल पर उतरने जा रहा है। करीब 20 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के भूमि पूजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे।
Indore सिक्स लेन का ‘हाई-टेक’ कॉरिडोर: 250 फीट होगी चौड़ाई
यह कॉरिडोर न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि बुनियादी ढांचे के मामले में क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा। प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- विस्तार: यह कॉरिडोर इंदौर के नैनोद से शुरू होकर एबी रोड (AB Road) तक जाएगा।
- तकनीकी स्वरूप: 20 किलोमीटर लंबा यह मार्ग 250 फीट चौड़ा होगा और इसे सिक्स लेन (6-Lane) के रूप में विकसित किया जाएगा।
- लागत: इस पूरे प्रोजेक्ट पर सरकार लगभग 329 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।
Indore उद्योग और निवेश का नया ‘ग्रोथ इंजन’
सरकार का दावा है कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर मालवा क्षेत्र के लिए विकास का नया ‘ग्रोथ इंजन’ साबित होगा। पीथमपुर जैसे औद्योगिक हब और इंदौर के बीच सुचारु कनेक्टिविटी होने से बड़े निवेशकों को आकर्षित करने में आसानी होगी। इससे न केवल उद्योगों का विस्तार होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर को इस सिक्स लेन कॉरिडोर से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
Indore रोजगार और स्थानीय विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार का विजन इस कॉरिडोर के जरिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा करना है। सरकार का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से:
- स्थानीय लाभ: कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- किसानों को फायदा: बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों की पहुंच मंडियों और औद्योगिक इकाइयों तक आसान होगी।
- दीर्घकालिक विकास: यह कॉरिडोर इंदौर-पीथमपुर के बीच भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
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