Lucknow उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में ‘जनगणना-2027’ के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि सटीक जनगणना ही प्रदेश के समग्र और सुनियोजित विकास का सबसे सशक्त आधार है। सरकार इसके जरिए विकास की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
Lucknow डिजिटल पहल: 15 दिनों तक ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे अपनी जानकारी
जनगणना प्रक्रिया को सरल और आधुनिक बनाने के लिए इस बार ऑनलाइन माध्यम को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 7 मई से 21 मई तक प्रदेश के नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना मकान सूचीकरण और गणना (Self-Enumeration) कर सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित होगी। सरकार ने आम जन से अपील की है कि वे इस डिजिटल सुविधा का बढ़-चढ़कर लाभ उठाएं।

Lucknow फील्ड वर्क का शेड्यूल: 22 मई से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक
ऑनलाइन चरण की समाप्ति के बाद जनगणना का जमीनी कार्य शुरू होगा। 22 मई से 20 जून 2026 तक फील्ड कार्य के जरिए गणना प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक और संबंधित अधिकारी घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना अधिकारियों को सही और तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करें, ताकि भविष्य की योजनाओं का खाका मजबूती से खींचा जा सके।

Lucknow प्रशासनिक अमले की मौजूदगी: सफल आयोजन के लिए पुख्ता तैयारी
शुभारंभ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय प्रसाद, जनगणना निदेशक शीतल शर्मा और मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत मौजूद रहे। साथ ही, लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए तकनीकी सहायता ली जा रही है।





