Report: Sanjeev kumar
Bokaro झारखंड के बोकारो पुलिस विभाग में वेतन मद से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की तह तक जाने के लिए सीआईडी (CID) की टीम ने बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में डेरा डाल दिया है। सीआईडी एसपी पूज्य प्रकाश के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम सभी संदिग्ध दस्तावेजों और बैंक खातों को खंगाल रही है, जिससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
Bokaro हवलदार के नाम पर पत्नी के खाते में जाता था वेतन
इस घोटाले का मुख्य केंद्र बिंदु पुलिस विभाग का अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडे है, जो फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे है। जांच में खुलासा हुआ है कि एक रिटायर्ड हवलदार के नाम का इस्तेमाल कर उसकी पत्नी नीतू पांडे का बैंक अकाउंट सिस्टम में दर्ज किया गया था। इस फर्जीवाड़े के जरिए हर महीने लगभग 15 लाख रुपये की राशि वेतन के रूप में अवैध तरीके से निकाली जा रही थी। शुरुआती जांच में यह गबन 3 करोड़ 15 लाख रुपये का पाया गया था, लेकिन अब यह मामला कहीं अधिक बड़ा नजर आ रहा है।
Bokaro 10 करोड़ तक पहुँच सकता है घोटाले का आंकड़ा
जांच टीम के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा साल 2020 से लगातार जारी था। कौशल पांडे ने सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई है। जैसे-जैसे सीआईडी की जांच आगे बढ़ रही है, अवैध निकासी की कुल राशि बढ़कर 10 करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस बड़े खेल में विभाग के कुछ अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल थे।
Bokaro राज्य सरकार ने सीआईडी को सौंपी कमान
बोकारो और हजारीबाग में दर्ज हुए इन गंभीर मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंप दी थी। सीआईडी अब अकाउंट सेक्शन के कंप्यूटर डेटा, वाउचर्स और निकासी रजिस्टर का मिलान कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस जांच के बाद कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है और अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
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