बांदा में साइबर पुलिस की तत्परता ने एक रिटायर्ड शिक्षक की जीवनभर की कमाई ₹36 लाख को ठगों से बचा लिया। ठगों ने दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर शिक्षक को डराया और कहा कि उनके खिलाफ ड्रग्स से जुड़े मामले में “डिजिटल अरेस्ट” किया जा रहा है। शिक्षक को उनके नाम से फर्जी “रिजर्व बैंक खाते” में रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा गया।

सतर्क बैंक प्रबंधक की भूमिका
किस्मत रही कि एक्सिस बैंक शाखा प्रबंधक ने समय रहते साइबर थाने को सूचना दी। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल और अपर SP शिवराज के निर्देशन में साइबर टीम तुरंत कार्रवाई में आई और ₹36 लाख की रकम को रोक लिया।
पुलिस का संदेश

एसपी पलाश बंसल ने कहा कि साइबर पुलिस और बैंक प्रबंधक की सतर्कता से बड़ा फ्रॉड टल गया। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल या संस्था को अपनी बैंक जानकारी साझा न करें।
यह खबर भी पढ़ें: आगरा पुलिस ने 10 महीने में बरामद किए 1200 मोबाइल, लोगों को लौटाए
सावधानी के निर्देश
- किसी भी अनजान कॉल या संस्था पर भरोसा न करें।
- “पुलिस”, “सीबीआई” या किसी एजेंसी का अधिकारी बनकर कॉल आए तो सतर्क रहें।
- किसी भी संदिग्ध ठगी की सूचना तुरंत www.cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर दें।
बांदा साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने डिजिटल ठगों के खेल पर लगाम लगाया और लोगों को जागरूक होने की सीख दी।





