Report; Punit sen
A major racket of illegal mining in Anuppur धुरवासिन में बेखौफ चल रहा अवैध खनन, सड़क निर्माण में खप रही मुरूम
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत धुरवासिन गांव में इन दिनों अवैध मुरूम खनन का एक बड़ा मामला गरमाता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन की नाक के नीचे दो भारी-भरकम पोकलेन मशीनों को लगाकर धड़ल्ले से जमीन का सीना चीरा जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी वैध अनुमति के भारी मात्रा में निकाली जा रही इस मुरूम का इस्तेमाल सीधे तौर पर जैतहरी-धुरवासिन मुख्य मार्ग के निर्माण कार्य में किया जा रहा है।

A major racket of illegal mining in Anuppur पूरे जिले में एक भी खदान वैध नहीं, फिर किस आधार पर मिल रही छूट?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और गंभीर सवाल खनिज विभाग की भूमिका पर खड़ा होता है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि वर्तमान समय में पूरे अनूपपुर जिले के भीतर एक भी मुरूम खदान को सरकारी स्वीकृति (मंजूरी) प्राप्त नहीं है। ऐसे में जब कोई खदान वैध ही नहीं है, तो इतने बड़े पैमाने पर उत्खनन और भारी वाहनों से उसका परिवहन किस कानून के तहत किया जा रहा है? इस बात ने खनिज विभाग की मुस्तैदी और कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी है।

A major racket of illegal mining in Anuppur क्रेशर की पर्ची को बनाया ‘ट्रांजिट पास’, ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
आरोप है कि इस अवैध कारोबार को छुपाने के लिए एक नया पैंतरा अपनाया जा रहा है। मुरूम लेकर दौड़ रहे डंपरों और ट्रैक्टरों के पास कोई वैध रॉयल्टी या ट्रांजिट पास नहीं है, बल्कि जांच से बचने के लिए स्टोन क्रेशर की पर्चियों को ही अवैध रूप से पास के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। खनिज माफिया की इस मनमानी और सरकारी राजस्व को लग रहे चूने से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब लामबंद होना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे सिंडिकेट की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग उठाई है।





