BY
Yoganand Shrivastava
VIP Cyber Fraud व्हाट्सएप पर डीपी (DP) लगाकर कर्मचारी को झांसा, लगा करोड़ों का चूना
VIP Cyber Fraud पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व सांसद नरेश कुमार गुजराल एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं। शातिर ठगों ने डिजिटल हेराफेरी का सहारा लेते हुए नरेश गुजराल की तस्वीर (फोटो) को अपने व्हाट्सएप प्रोफाइल पर लगा लिया। इसके बाद ठग ने खुद को नरेश गुजराल बताते हुए उनकी फाइनेंस टीम के सबसे भरोसेमंद कर्मचारी को मैसेज भेजा। मैसेज में दावा किया गया कि वे एक बेहद जरूरी मीटिंग में व्यस्त हैं और आपातकालीन स्थिति में एक दिए गए बैंक खाते में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए फंड ट्रांसफर करने की जरूरत है। मालिक के आदेश को सच मानकर कर्मचारी ने बिना सोचे-समझे पैसे भेज दिए।
VIP Cyber Fraud जून के मध्य में हुआ करोड़ों का ट्रांजैक्शन, बेटी की सतर्कता से खुला राज
यह पूरा फर्जीवाड़ा 12 से 16 जून के बीच अंजाम दिया गया। इस दौरान कर्मचारी ने किस्तों में कुल चार आरटीजीएस ट्रांजैक्शन किए, जिसके तहत लगभग 7.8 करोड़ रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर हो गए। इस बड़ी ठगी का भंडाफोड़ तब हुआ जब कर्मचारी ने इस वित्तीय लेनदेन की जानकारी नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा को दी। दीक्षा ने जब तुरंत अपने पिता से इस बारे में बात की, तो नरेश गुजराल ने ऐसे किसी भी लेनदेन या आदेश से साफ इनकार कर दिया। परिवार को यह समझते देर नहीं लगी कि वे एक सुनियोजित साइबर अपराध का शिकार हो चुके हैं।
VIP Cyber Fraud साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत, दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी
धोखाधड़ी का अहसास होते ही दीक्षा ने बिना वक्त गंवाए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया और दिल्ली पुलिस में एक ई-एफआईआर (e-FIR) दर्ज कराई। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए ठगे गए पैसों में से करीब 4 करोड़ रुपये (लगभग 70% रकम) को विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करा दिया, जिससे गुजराल परिवार को होने वाला एक बहुत बड़ा नुकसान टल गया। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है, हालांकि अभी तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।





