Trump Immigration Policy : नौकरी गई तो 60 दिन की राहत खत्म करने की तैयारी,ट्रंप का ‘बर्थ टूरिज्म’ पर भी शिकंजा कसने की तैयारी
Trump Immigration Policy : अमेरिका में विदेशियों पर शिकंजा, H-1B से लेकर बर्थ टूरिज्म तक ट्रंप का बड़ा एक्शन, जीहां अमेरिका में नौकरी करने वाले विदेशी कामगारों और अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के लिए आने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। ट्रंप प्रशासन ने H-1B व्यवस्था पर सख्ती के बीच अब बर्थ टूरिज्म पर भी बड़ा एक्शन लिया है। 6 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बर्थ टूरिज्म पर रोक लगाने के लिए नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया। इसमें उन मामलों पर कार्रवाई का निर्देश है, जहां विदेशी नागरिक अमेरिका में बच्चे के जन्म के जरिए इमिग्रेशन लाभ हासिल करने की कोशिश करते हैं। तो वहीं अब H-1B वीजा को लेकर भी विदेशी पेशेवरों पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में चुनौती सिर्फ नौकरी की नहीं होगी। बड़ा सवाल ये भी है कि क्या अमेरिका में नौकरी करने वाले भारतीयों के लिए इमिग्रेशन का दौर और मुश्किल होने जा रहा है ? ऐसे में सवाल यही है कि H-1B पर सख्ती, बर्थ टूरिज्म पर शिकंजा और जन्म से नागरिकता के नियमों में बदलाव की कोशिश क्या ट्रंप प्रशासन की अमेरिका फर्स्ट नीति का असर भारतीयों पर कितना पड़ेगा ? सवाल ये कि क्या खत्म हो जाएगा H-1B का 60 दिन का सुरक्षा कवच ? अमेरिका में बर्थ टूरिज्म पर ट्रंप के बड़े एक्शन, वीजा और एंट्री पर शिकंजा…इसी मुद्दे पर करेंगे चर्चा लेकिन पहले देखिये ये रिपोर्ट।
Trump Immigration Policy : अमेरिका में नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए नौकरी छूटना अब और मुश्किल हो सकता है। ट्रंप प्रशासन 60 दिन के मौजूदा ग्रेस पीरियड को खत्म करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।यदि यह लागू हुआ तो नई नौकरी तलाशने का मौका घट जाएगा और प्रभावित कर्मचारियों को नौकरी जाने के तुरंत बाद अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। यह प्रस्ताव फिलहाल व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट को भेजा गया है। अभी यह नियम नहीं बना है। लेकिन यदि नियम बनता है तो अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे करीब 5 लाख भारतीयों पर इसका असर पड़ सकता है। यही वजह है कि हाल में H-1B कर्मचारियों की नौकरी जाने के बाद अमेरिका में रुकने की समय-सीमा को लेकर भी बहस तेज हुई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में यह मामला अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने उठाया था। रूबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ दिक्कतें और तनाव हो सकते हैं।
Trump Immigration Policy : उधर ट्रंप का एक और बड़ा फैसला अमेरिका में भारतीयों की चिंता बढ़ा रहा है, जिसमें अमेरिकी नागरिकता के लिए बच्चे पैदा कराने की कोशिश पर शिकंजा कसा गया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ‘बर्थ टूरिज्म’ पर बड़ा शिकंजा कसने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 6 अगस्त 2026 को ट्रंप ने दो कार्यकारी आदेश जारी किए, जिनमें जन्मसिद्ध नागरिकता की कुछ श्रेणियों को सीमित करने और बर्थ टूरिज्म पर रोक लगाने की बात है। इनमें अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से आने वाले विदेशी नागरिकों पर वीजा और प्रवेश प्रक्रिया कड़ी करने का निर्देश दिया गया है।अमेरिका में H-1B योजना में भारतीय प्रोफेशनल्स की बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में नौकरी जाने की स्थिति में 60 दिन का सुरक्षा कवच खत्म होना भारतीय IT और टेक प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। ऐसे में चुनौती सिर्फ नौकरी की नहीं होगी, नया H-1B स्पॉन्सर ढूंढना, नई कंपनी से प्रक्रिया शुरू कराना और इमिग्रेशन स्टेटस बनाए रखना पहले से ज्यादा मुश्किल हो सकता है। अब सवाल यही है कि अमेरिका का नया दांव, ‘हायर एंड फायर’ के बीच H-1B भारतीयों का सुरक्षा कवच कमजोर करने की तैयारी है ? और सवाल ये कि अब भारत इस मुद्दे पर क्या रणनीति अपनाता है।

