Rahul Gandhi: राजस्थान के कोटा स्थित दशहरा मैदान में बुधवार रात आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने छात्रों से सीधा संवाद किया। करीब एक घंटे तक चले इस कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे राजनीति की नहीं, बल्कि छात्रों और देश की शिक्षा व्यवस्था की बात करने आए हैं।
Rahul Gandhi: ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, तनावमुक्त माहौल की वकालत
Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था छात्रों पर अनावश्यक तनाव और दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है और ऐसी व्यवस्था के खिलाफ मिलकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में किसी भी छात्र को दबाव के कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।
Rahul Gandhi: डॉक्टर-इंजीनियर से आगे बढ़कर नए करियर विकल्प अपनाने के लिए युवाओं को किया प्रेरित
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक की लगभग 4000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान उनकी लाखों युवाओं से बातचीत हुई, जिसमें अधिकांश छात्र केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनने की सोच रखते नजर आए। राहुल गांधी ने कहा कि आज के दौर में करियर के अनेक विकल्प मौजूद हैं और युवाओं को अपनी रुचि, प्रतिभा और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
Rahul Gandhi: कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्राओं के करियर विकल्पों पर भी चर्चा की। राहुल गांधी ने बताया कि जब उन्होंने लड़कियों से पूछा कि कितनी छात्राएं पायलट बनना चाहती हैं, तो किसी ने हाथ नहीं उठाया। उन्होंने इसे सोच के सीमित दायरे से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं, विशेषकर छात्राओं को नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
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Rahul Gandhi: कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और शिक्षा, करियर तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपने सवाल भी रखे। राहुल गांधी ने युवाओं से संवाद करते हुए आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने का संदेश दिया।





