जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा इलाके में मंगलवार को बादल फट गया। इसके चलते पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। अचानक आए पानी के सैलाब और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
सबसे ज्यादा असर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर देखने को मिला, जहां पत्थर गिरने और मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
पहाड़ों से लगातार गिर रहे पत्थर
- रामबन जिले में संकट: NH-44 पर लगातार बारिश के चलते जगह-जगह पहाड़ों से पत्थर गिर रहे हैं।
- यातायात बाधित: मलबे और भारी पत्थरों के कारण सड़क पर आवाजाही रुक गई है।
- यात्रियों को मुश्किलें: हाईवे बंद होने से लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है, जिससे यात्रियों को घंटों फंसा रहना पड़ रहा है।
प्रशासन की अपील: अनावश्यक यात्रा से बचें
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा न करें। सुरक्षा के लिहाज से कटरा-शिवखोड़ी नेशनल हाईवे को भी बंद कर दिया गया है।
- कई जगहों पर रूट डायवर्ट किए गए हैं।
- वैकल्पिक रास्तों से ही ट्रैफिक को आगे बढ़ाया जा रहा है।
- यात्रियों को मौसम सामान्य होने तक इंतजार करने की सलाह दी गई है।
रियासी जिले में भी भूस्खलन
रियासी जिले के सीला गांव के पास भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। कटरा-शिवखोड़ी नेशनल हाईवे पूरी तरह जाम हो गया है।
डीएसपी रियासी विशाल जम्वाल ने बताया:
- बलवा सड़क भी बारिश से प्रभावित हुई है।
- चिनाब नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
- SDRF टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं।
प्रशासन ने खासतौर पर नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की हिदायत दी है।
#WATCH | Doda, Jammu and Kashmir | Continuous heavy rainfall across Doda district has triggered landslides, mudslides, and shooting stones, leading to the closure of several link roads as well as stretches of the national highway. pic.twitter.com/0EuHmW5XNu
— ANI (@ANI) August 26, 2025
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जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। NH-44 सहित कई महत्वपूर्ण मार्ग बंद हो चुके हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हालात को संभालने में जुटी हैं, लेकिन लोगों को सतर्कता बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की कड़ी सलाह दी जा रही है।





