नई दिल्ली में आयोजित इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और वैश्विक राजनीति पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ किया कि भारत और अमेरिका के बीच कोई ‘कट्टी’ नहीं है और ट्रेड पर बातचीत लगातार जारी है।
भारत-अमेरिका ट्रेड पर क्या बोले जयशंकर?
जयशंकर ने कहा कि भारत किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रहा है।
- भारत और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है।
- किसी तरह का टकराव या झगड़ा नहीं हुआ है।
- भारत अपने आर्थिक हितों से समझौता नहीं करेगा।
रूसी तेल खरीद पर भारत का रुख
रूस से तेल आयात पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए जयशंकर ने स्पष्ट कहा:
- भारत अपने राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देगा।
- अगर किसी देश को समस्या है, तो वह भारत से तेल न खरीदे।
- भारत किसी देश को तेल लेने के लिए मजबूर नहीं करता।
आंकड़े बताते हैं:
- भारत, चीन के बाद रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार है।
- 2023 से 2025 के बीच भारत रोजाना औसतन 17–20 लाख बैरल तेल रूस से खरीद रहा है।
- पिछले दो वर्षों में भारत ने हर साल 130 अरब डॉलर से ज्यादा का रूसी तेल आयात किया है।
टैरिफ विवाद और अमेरिका का रुख
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर रूसी तेल की वजह से अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया है, जो 27 अगस्त 2025 से लागू होगा।
- जुलाई 2025 में भी भारत पर 25% टैरिफ लगाया गया था।
- आने वाले समय में अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर कुल 50% आयात शुल्क देना होगा।
पाकिस्तान पर मध्यस्थता को लेकर सख्त रुख
भारत-पाक संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा:
- भारत किसी भी तरह की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा।
- यह भारत की स्पष्ट और स्थायी नीति है।
- ट्रम्प के दावों को भी भारत पहले खारिज कर चुका है।
ट्रम्प की विदेश नीति पर टिप्पणी
जयशंकर ने डोनाल्ड ट्रम्प की विदेश नीति को लेकर कहा कि उन्होंने दुनिया से रिश्ते बनाने का तरीका बदल दिया है।
- ट्रम्प का तरीका पहले सभी राष्ट्रपतियों से बिल्कुल अलग है।
- उन्होंने इसे एक बड़ा बदलाव बताया, जिसका असर भारत समेत पूरी दुनिया पर है।
विदेश मंत्री जयशंकर के बयानों से साफ है कि भारत अपनी आर्थिक स्वतंत्रता और राष्ट्रीय हितों पर समझौता नहीं करेगा।
- अमेरिका के साथ बातचीत जारी है।
- रूस से तेल खरीद भारत के ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा है।
- पाकिस्तान के मामले में भारत की नीति स्पष्ट और अडिग है।





