📌 मुख्य बातें (Highlights)
- आगरा के कागारौल कस्बे में दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थिति में मौत
- मां ने दूध पिलाकर सुलाया, रात 12 बजे अचानक तबीयत बिगड़ी
- बच्चों के पिता को दूध में ज़हर की आशंका
- दूध का सैंपल जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया
- डेयरी संचालक बच्चू रावत पर अब तक कोई ठोस आरोप नहीं
🧒 दूध पीने के बाद नहीं जागे मासूम
आगरा के कागारौल कस्बे में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां के निवासी भूरा के 11 महीने के बेटे अवान और 2 साल की बेटी माहिरा की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। गुरुवार रात को मां मुस्कान ने दोनों बच्चों को बच्चू रावत की डेयरी से लाए गए दूध से दुग्धपान कराया और उन्हें सुला दिया।
रात लगभग 12 बजे जब मां की नींद खुली तो बच्चों में कोई हरकत नहीं हो रही थी। घबराकर मां ने शोर मचाया। परिजन बच्चों को नजदीकी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने बताया कि अवान की मौत पहले ही हो चुकी थी, जबकि माहिरा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
🧪 दूध में ज़हर? जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। भूरा ने आशंका जताई कि दूध में कोई ज़हरीला पदार्थ मिलाया गया हो सकता है। हालांकि, उन्होंने बच्चों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी है।
🚨 पुलिस और फोरेंसिक जांच:
- फोरेंसिक टीम ने घर और डेयरी दोनों जगह से दूध के सैंपल लिए
- सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा गया
- पुलिस घटना की हर एंगल से जांच कर रही है
🏪 डेयरी संचालक पर नजर, पर शिकायत नहीं
दोनों बच्चों का दूध मोहल्ले के ही बच्चू रावत की दुकान से लाया गया था। बच्चू पिछले 40 साल से डेयरी व्यवसाय में हैं। खाद्य विभाग की टीम ने उनकी दुकान की जांच की। जैसे ही अन्य दूध विक्रेताओं को जांच की खबर लगी, वे दुकानें बंद कर भाग निकले।
अधिकारियों का बयान:
एसीपी सैंया सुकन्या शर्मा ने बताया,
“परिजनों ने डेयरी से दूध लाने की बात कही है। अभी मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम न होने से पुष्टि नहीं हो पा रही है। सैंपल जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।”
🔍 अब तक क्या-क्या सामने आया?
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| मृतक बच्चे | अवान (11 महीने) और माहिरा (2 वर्ष) |
| संदिग्ध | बच्चू रावत की डेयरी का दूध |
| कारण | दूध में विषाक्तता की आशंका |
| कार्रवाई | दूध का सैंपल लैब भेजा गया, जांच जारी |
| पोस्टमार्टम | परिजनों ने कराने से इनकार किया |
❗ मामला क्यों है गंभीर?
इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच दूध की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आगरा जैसे बड़े शहर में इस तरह की घटनाएं खाद्य सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल खड़े करती हैं। खासतौर पर तब, जब 40 साल से दूध बेचने वाला दुकानदार अचानक जांच के घेरे में आ जाए।
📱 क्या करें पाठक?
- हमेशा उबला हुआ और विश्वसनीय स्रोत से लिया गया दूध ही बच्चों को पिलाएं
- किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- शिकायत निवारण के लिए स्थानीय खाद्य विभाग या हेल्थ हेल्पलाइन से जुड़ें
📢 निष्कर्ष
इस घटना ने एक बार फिर दूध और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सजग रहने की चेतावनी दी है। परिवारों को जहां सतर्क रहने की जरूरत है, वहीं प्रशासन को भी ऐसे व्यवसायियों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। दूध की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस हृदयविदारक घटना की सच्चाई सामने आएगी।





