High Voter Turnout Impact : तमिलनाडु 234 सीटें, इतिहास में सबसे ज्यादा वोटिंग, दोनों राज्यों में बंपर वोटिंग के आखिर मायने क्या ?
High Voter Turnout Impact : पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरुवार को बंपर वोटिंग हुई। बंगाल की 294 सीटों में से 152 सीटों पर पहले फेज में 91.46% मतदान हुआ। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर रिकॉर्ड 84.41% वोटिंग हुई। दोनों राज्यों के इतिहास में पहली बार सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग… ये सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि बदलते राजनीतिक मूड का बड़ा संकेत है। सवाल ये है कि इतनी भारी मतदान का मतलब आखिर क्या है ? पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी खुमार जनता के सिर ऐसा चढ़ा कि दोनों ही राज्यों में मतदान के सारे रिकॉर्ड टूट गए। बंगाल में जनता का उत्साह देखते ही बना और वोटिंग का प्रतिशत 91 फीसदी के पार चला गया तो वहीं तमिलनाडु में चुनावी इतिहास का अब तक का सबसे ज्यादा 84 % का आंकड़ा छू गया। बंगाल में वोटिंग के आंकड़े सामने आने के बाद CM ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य की जनता ने SIR के विरोध में बंपर वोटिंग की है। तो वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि TMC का सूरज ढल चुका है। बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बंपर वोटिंग से ममता सरकार की विदाई को तय बताया। अब सियासी दलों के दावों और वादों के बीच पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग का मतलब क्या है, क्या जनता इस बार मौन नहीं, सक्रिय है। क्या चुनावी नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं, और सत्ता की राह इस बार किसके लिये आसान और किसके लिये मुश्किल होने वाली है। सवाल ये कि क्या बंपर वोटिंग क्या आने वाले राजनीतिक बदलाव की दस्तक है। दोनों ही राज्यों में आखिर किसकी सरकार बनेगी ?

High Voter Turnout Impact : देश की राजनीति में दो राज्य तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिये आज बड़ा दिन रहा। जहां दोनों राज्यों की सत्ता के लिये जनता ने अपना फैसला सुनाया। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिये वोटिंग का नया रिकॉर्ड बना, मतदाताओं में उत्साह ऐसा कि वोटिंग का प्रतिशत 90 को पार कर गया।तो वहीं तमिलनाडू में भी चुनावी इतिहास में अब तक के सबसे ज्यादा वोट पड़े। और मतदान का प्रतिशत 82 के पार पहुंचा। दोनों ही राज्यों में लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं ने अपने वोट की आहूति दी। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर और तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में वोट डाले गए। बात पश्चिम बंगाल की करें तो यहां मुर्शिदाबाद और मालदा के साथ ही कुछ इलाकों से हिंसा और झड़पों की खबरें लगातार सामने आईं। लेकिन ये हिंसा मतदाताओं के उत्साह को दबा नहीं सकीं। और वोटिंग का प्रतिशत सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 90 प्रतिशत के पार जा पहुंचा। उधर तमिलनाडु में मतदाताओं का उत्साह ऐसा रहा कि इतिहास में सबसे ज्यादा वोट पड़े। अब बंपर वोटिंग को लेकर राजनेताओं के अपने अपने दावे हैं। साथ ही बंपर वोटिंग से जीत का भरोसा और विश्वास बढ़ा हुआ नजर आ रहा है।
High Voter Turnout Impact : बीजेपी से सीधी लड़ाई के बीच चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी को खुद को बंगाल की बेटी के रूप में पेश किया और बंगाल की अस्मिता की लड़ाई बताया, SIR का मुद्दा उठाया और दावा 200 सीटों पर जीत का किया। तो वहीं मोदी, शाह और भाजपा ने सत्ता विरोधी लहर, भ्रष्टाचार, घुसपैठ के मुद्दों को जनता के सामने रखते हुए बंगाल में ‘परिवर्तन’ का दावा किया और कहा कि इस बार बंगाल में कमल खिलना तय है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता भय से मुक्ति के लिए वोट कर रही है। उन्होंने चुनावी हिंसा और कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार को घेरा और बदलाव का आह्वान किया। TMC पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि झालमुड़ी उन्होंने खाई लेकिन मिर्जी टीएमसी को लगी हुई है। तो वहीं ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर SIR के नाम पर मतदाता सूची से वास्तविक वोटरों के नाम हटाने और NRC लाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। और बंगाल में वापसी का दावा किया।
High Voter Turnout Impact : उधर तामिलनाडु में मुख्य मुकाबला एक बार फिर सत्तारूढ़ डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन और प्रतिद्वंदी एआईएडीएमके बीजेपी गठबंधन के बीच है।लेकिन इस बार अभिनय की दुनिया से राजनीति के अखाड़े में उतरे अभिनेता सी जोसफ विजय की पार्टी TVK ने कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में बंपर वोटिंग हुई है, जिसका मतदान पतिशत 83 रहा। यहां भी चुनाव प्रचार के दौरान दिग्गजों की जोरआजमाइश जमकर दिखाई दी। मोदी और शाह ने भ्रष्टाचार और परिवारवाद को मुख्य मुद्दा बनाया। DMK सरकार को ‘CMC’ सरकार करार दिया, भ्रष्टाचार, माफिया और अपराध का मिश्रण बताया।तो वहीं राहुल गांधी ने एआईएडीएमके को भाजपा की ‘कठपुतली’ बताया। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने ‘तीन-भाषा फॉर्मूले’ पर मोदी और शाह को खुली चुनौती दी ।
High Voter Turnout Impact : पश्चिम बंगाल में जहां टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर है, जो सवाल सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। वो ये कि बंगाल में एक बार फिर दीदी राज या फिर सत्ता परिवर्तन। तमिलनाडु में भी डीएमके की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन और एआईएडीएमके-बीजेपी के एनडीए के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों ही राज्यों में सुबह से मतदान केंद्रों के बाहर वोटरों की लंबी कतार देखी गई, वोटिंग के दौरान आधी आबादी याने महिलाओं में खासा उत्साह नजर आया। अब आज की वोटिंग दोनों ही राज्यों में सियासत का अगला अध्याय तय करेगी। हालांकि पश्चिम बंगाल में अभी दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान बाकी है। लेकिन सवाल यही है कि बंगाल में बंपर और रिकॉर्ड तोड़ मतदान आखिर किसके पक्ष में है। क्या पश्चिम बंगाल बंपर मतदान सत्ता परिवर्तन की आहट है या फिर बंगाल में दीदी वापसी करेंगीं और तमिलनाडु में मतदाताओं ने वोटिंग को लेकर जो जोश और उत्साह दिखाया है वो किसके पक्ष में रहेगा।।।
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