,

बांग्लादेश की चाल: चीन से 50 साल का प्लान मांगकर भारत को नुकसान पहुंचाने की तैयारी

- Advertisement -
Ad imageAd image

बीजिंग: बांग्लादेश ने एक बड़ा कदम उठाया है। यह कदम भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस ने चीन से मदद मांगी है। उन्होंने चीन से बांग्लादेश की नदियों के लिए 50 साल का मास्टर प्लान बनाने को कहा। यह खबर तब आई जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यारलुंग जांगबो नदी पर एक बड़ा बांध बनाने का फैसला किया। यह बांध भारत और बांग्लादेश दोनों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।

मुहम्मद यूनुस 26 मार्च से 29 मार्च तक चीन गए थे। वहां उन्होंने शी जिनपिंग से मुलाकात की।

बांग्लादेश की चाल: चीन से 50 साल का प्लान मांगकर भारत को नुकसान पहुंचाने की तैयारी

बांग्लादेश ने चीन से क्या कहा?

बांग्लादेश में हर साल बाढ़ आती है। इन बाढ़ों से बहुत नुकसान होता है। बांग्लादेश में कई नदियां हैं। जनसंख्या बढ़ने से पानी का सही प्रबंधन जरूरी हो गया है। बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, यूनुस ने चीन से कहा, “हमें पर्यावरण का ध्यान रखना होगा।” उन्होंने भारत की चिंताओं का भी जिक्र किया। यूनुस ने कहा कि भारत में भी नदियों के किनारे लोग रहने लगे हैं। इससे नदियों पर दबाव बढ़ा है।

यूनुस ने यह भी बताया कि नदियों में मिट्टी जमा हो रही है। इससे नदियां मर रही हैं। उन्होंने चीन को पानी प्रबंधन का मास्टर बताया। यूनुस ने कहा, “बांग्लादेश को चीन से बहुत कुछ सीखना है।” उन्होंने चीन से शी जिनपिंग का विजन शेयर करने की बात कही। इसके जवाब में चीन ने मदद का वादा किया। चीन ने कहा कि वह बांग्लादेश को मास्टर प्लान और तकनीकी सहायता देगा।

भारत के लिए क्या मुश्किलें हैं?

बांग्लादेश का यह कदम भारत के लिए खतरा बन सकता है। पिछले साल दिसंबर में चीन ने यारलुंग जांगबो नदी पर एक बड़ा बांध बनाने की मंजूरी दी थी। इसकी लागत 137 अरब अमेरिकी डॉलर है। यह दुनिया का सबसे बड़ा जलविद्युत प्रोजेक्ट होगा। यह बांध हर साल 300 अरब किलोवाट-घंटे बिजली बनाएगा। यह चीन के थ्री गॉर्जेस बांध से तीन गुना ज्यादा बिजली देगा।

यह नदी भारत और बांग्लादेश दोनों से होकर गुजरती है। इसे भारत में ब्रह्मपुत्र नदी कहते हैं। यह नदी तिब्बत के अंगसी ग्लेशियर से शुरू होती है। फिर यह माउंट कैलाश और मानसरोवर झील के पास से गुजरती है। इसके बाद यह अरुणाचल प्रदेश में आती है। वहां इसे सियांग नदी कहते हैं। असम में यह ब्रह्मपुत्र बन जाती है। फिर यह बांग्लादेश में पहुंचती है।

भारत और बांग्लादेश पर असर

चीन का यह बांध ब्रह्मपुत्र नदी के पानी को प्रभावित करेगा। इससे भारत के असम और अरुणाचल प्रदेश में पानी की कमी हो सकती है। बांग्लादेश में भी बाढ़ और सूखे की समस्या बढ़ सकती है। मुहम्मद यूनुस ने चीन से मदद मांगकर भारत की चिंता बढ़ा दी है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बांध पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगा। भारत और बांग्लादेश को पानी के लिए चीन पर निर्भर होना पड़ सकता है। इससे दोनों देशों की खेती और लोग प्रभावित होंगे।

Dancer Rape Case: छपरा में ऑर्केस्ट्रा डांसर से दुष्कर्म का आरोप, छह लोगों पर FIR

रिपोर्ट: पवन कुमार सिंह Dancer Rape Case सारण जिले के अमनौर थाना

Over Mobile EMI Stress: मोबाइल की EMI का दबाव बना मुसीबत, डांस टीचर ने यमुना में लगाई छलांग

BY: Yoganand Shrivastva Over Mobile EMI Stress दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालिंदी कुंज

Bhanwarkol Canal Water Crisis: नहर की बदहाली से किसान परेशान, टेल तक पानी नहीं पहुंचने से फसलों पर संकट

रिपोर्ट- अंकित दुबे Bhanwarkol Canal Water Crisis विकासखंड भांवरकोल क्षेत्र में सिंचाई

Thandaradih Tension Jamtaraरू फेसबुक टिप्पणी से भड़का विवाद, थंडारडीह में तनाव; युवक के घर में तोड़फोड़ का आरोप

संवाददाता: रतन कुमार Thandaradih Tension Jamtara जामताड़ा जिले के करमाटांड़ थाना क्षेत्र