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Iran Hormuz Strait Reopen : होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार ईरान, नाकेबंदी हटाने के बदले रखी शर्त; ट्रांजिट फीस पर भी नरमी

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by: vijay yadav

Iran Hormuz Strait Reopen : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दुनिया के अहम समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान की ओर से बड़ा संकेत सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान जलडमरूमध्य से समुद्री आवाजाही दोबारा शुरू करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके बदले वह अमेरिका से नाकेबंदी और आर्थिक दबाव में राहत चाहता है।

अमेरिका और ईरान के बीच इस मुद्दे पर चरणबद्ध समझौते की संभावनाओं को लेकर बातचीत चल रही है। प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों में राहत के बीच समझौते की कोशिश की जा रही है।

Iran Hormuz Strait Reopen

Iran Hormuz Strait Reopen : ट्रांजिट फीस पर ईरान का रुख बदला

बातचीत में सबसे अहम मुद्दों में से एक होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस वसूलने का है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान इस मांग को तत्काल मुख्य समझौते में शामिल नहीं करने के विकल्प पर विचार कर रहा है।

इसका अर्थ यह नहीं है कि ईरान ने ट्रांजिट फीस की मांग पूरी तरह छोड़ दी है। इसे किसी अलग व्यवस्था या दस्तावेज के जरिए आगे उठाए जाने की संभावना बताई जा रही है। फिलहाल तेहरान के लिए नाकेबंदी से राहत और समुद्री मार्ग को लेकर समझौता महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।

Iran Hormuz Strait Reopen : सात दिन में खुल सकता है होर्मुज स्ट्रेट

ईरान की ओर से यह संकेत भी दिया गया है कि यदि आवश्यक शर्तें पूरी होती हैं तो होर्मुज स्ट्रेट को करीब एक सप्ताह के भीतर खोला जा सकता है।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी पहले कहा था कि उचित परिस्थितियां बनने पर जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हालांकि, इसके लिए अमेरिका की ओर से उठाए जाने वाले कदम भी महत्वपूर्ण होंगे।

Iran Hormuz Strait Reopen : चरणबद्ध समझौते पर हो रही चर्चा

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित डील को लेकर एक साथ सभी मुद्दों का समाधान करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का विकल्प चर्चा में है।

संभावित व्यवस्था के तहत पहले आर्थिक और समुद्री नाकेबंदी में राहत से जुड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य जहाजरानी बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

हालांकि, अभी तक दोनों देशों की ओर से किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए बातचीत के मौजूदा प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के रूप में नहीं देखा जा सकता।

खाड़ी देशों की नजर भी बनी हुई है

होर्मुज स्ट्रेट केवल ईरान और अमेरिका के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। यह खाड़ी क्षेत्र से होने वाले तेल और गैस परिवहन का प्रमुख समुद्री रास्ता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का असर क्षेत्रीय देशों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।

खाड़ी देशों की ओर से समुद्री मार्ग पर निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाता रहा है। ट्रांजिट फीस से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव इसलिए क्षेत्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Iran Hormuz Strait Reopen : वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है असर

होर्मुज स्ट्रेट से बड़ी मात्रा में ऊर्जा संसाधनों का समुद्री परिवहन होता है। यदि यहां जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित रहती है तो तेल और गैस की आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।

इसके उलट, यदि ईरान और अमेरिका के बीच कोई समझौता होता है और स्ट्रेट में सामान्य आवाजाही बहाल होती है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल पूरी नजर अमेरिका-ईरान बातचीत के अगले दौर और दोनों देशों के संभावित फैसलों पर है। होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के साथ नाकेबंदी में राहत और ट्रांजिट फीस का मुद्दा इस बातचीत के प्रमुख विषयों में बना हुआ है।
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