Report: Santosh Saravgee
Dabra PM Awas Scam मध्य प्रदेश के डबरा तहसील से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ Pradhan Mantri Awas Yojana का लाभ दिलाने के बहाने एक जालसाज ने गरीब परिवार का घर ही अपने नाम करवा लिया। ऑनलाइन कियोस्क चलाने वाले एक रसूखदार पर 6 साल तक धोखाधड़ी का यह खेल रचने का आरोप लगा है, जिसका खुलासा अब जाकर हुआ है।
Dabra PM Awas Scam मदद के बहाने अंगूठा लगवाया, खोल दिया फर्जी बैंक खाता
Dabra PM Awas Scam यह पूरा मामला डबरा के वार्ड क्रमांक 11 का है। यहाँ रहने वाले राकेश कर्ण और उनकी पत्नी फूलवती अपने कच्चे मकान को पक्का बनाने के लिए पीएम आवास योजना में आवेदन करना चाहते थे। वे ऑनलाइन काम करने वाले आरोपी रामू गुप्ता के पास पहुंचे। आरोप है कि रामू ने उनका आवेदन तो जमा नहीं किया, बल्कि उनके नाम पर एक फर्जी बैंक खाता खोल दिया। इसके बाद चालाकी से चेकबुक जारी करवाकर और सादे कागजों व एग्रीमेंट पर अंगूठे की छाप ले ली। पीड़ितों का कहना है कि वे अनपढ़ थे और यही समझते रहे कि सरकार से घर मिलने की प्रक्रिया चल रही है।
Dabra PM Awas Scam पुलिस टीम ताला लगाने पहुंची, तब खुला रजिस्ट्री का राज
धोखाधड़ी की इंतहा तब हुई जब आरोपी ने चोरी-छिपे मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। पीड़ित परिवार को इस जालसाजी की भनक तब लगी, जब अदालती आदेश का हवाला देकर पुलिस उनके घर पर ताला लगाने पहुंच गई। अचानक बेघर होने की कगार पर पहुंचे राकेश कर्ण ने रोते हुए बताया कि उन्हें तो पता भी नहीं था कि उनका आशियाना बिक चुका है। आरोपी अब पैसे और अपने रसूख के बल पर उस जमीन पर पूरी तरह कब्जा जमाना चाहता है, जिसके कारण पीड़ित परिवार पिछले 6 साल से इंसाफ के लिए भटक रहा है।
Dabra PM Awas Scam जांच में पकड़ी गई जालसाजी: ज्यूडिशियल स्टांप का हुआ गलत इस्तेमाल
इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जालसाज रामू गुप्ता ने जिस एग्रीमेंट के आधार पर रजिस्ट्री कराई, उसमें ‘ज्यूडिशियल स्टांप’ का इस्तेमाल किया गया था। कानूनी जानकारों के मुताबिक, ज्यूडिशियल स्टांप केवल अदालती कामकाज और वकीलों के उपयोग के लिए होता है, इसे किसी भी तरह की जमीन या मकान के एग्रीमेंट के लिए मान्य नहीं माना जाता। पुलिस और प्रशासन की शुरुआती जांच में भी दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।





