President Smt. Murmu arrives in Betul ब्रह्माकुमारी संस्थान के मंच से राष्ट्रपति का संदेश, रुद्राक्ष रोपण कर दिया पर्यावरण का संकल्प
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु अपने 5 दिवसीय मध्य प्रदेश प्रवास के पहले दिन बैतूल पहुँचीं, जहाँ उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित ‘एम्पावरमेंट ऑफ ट्राइबल सोसाइटी बाय स्पिरिचुअल अवेकनिंग’ (आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण) महासम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले उन्होंने औषधीय व पवित्र गुणों से समृद्ध रुद्राक्ष का पौधा लगाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया, जिसके बाद पारंपरिक गोंडी जनजातीय कड़पड़ा दल के कलाकारों ने लोकनृत्य के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। इससे पूर्व इंदौर हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति की अगवानी की और उनके इस दौरे को मध्य प्रदेश के विकास व जनजातीय गौरव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

President Smt. Murmu arrives in Betul ‘2047 के विकसित भारत’ में जनजातीय समाज की भूमिका और सिकल सेल एनीमिया पर जोर
महासम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी पूरा होगा, जब समाज का हर वर्ग विकास की मुख्यधारा में शामिल हो। उन्होंने समय-समय पर आदिवासी समाज को भ्रमित करने वाले प्रयासों के प्रति सचेत करते हुए आध्यात्मिक उत्थान और सामाजिक चेतना को इसका सटीक समाधान बताया। मध्य प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में पायी जाने वाली ‘सिकल सेल एनीमिया’ बीमारी के समूल नाश के लिए किए जा रहे प्रभावी प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने बैतूल की जनजातीय संस्कृति की ईमानदारी, सरलता और सामूहिकता को पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय आदर्श बताया।

President Smt. Murmu arrives in Betul आधुनिक डिजिटल शिक्षा और प्राकृतिक जीवनशैली का अनूठा संगम
President Smt. Murmu arrives in Betul राष्ट्रपति ने प्रकृति और पंचतत्वों (भूमि, गगन, वायु, अग्नि, नीर) की पूजा करने वाली आदिवासी जीवन पद्धति को आज की तनावग्रस्त वैश्विक परिस्थितियों के लिए मार्गदर्शक बताया। रासायनिक खादों के दुष्परिणामों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने देश के प्राकृतिक खेती की ओर लौटने की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बदलते दौर में जनजातीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल और डिजिटल सशक्तिकरण से जोड़ना बेहद अनिवार्य है, बशर्ते उनकी सांस्कृतिक विरासत और पहचान अक्षुण्ण रहे।
President Smt. Murmu arrives in Betul महिला स्व-सहायता समूहों की कला और ‘श्री अन्न’ (मिलेट्स) प्रदर्शनी की सराहना
समारोह के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने वाले विभिन्न स्टॉल्स और प्रदर्शनियों का बारीकी से अवलोकन किया:
- सतपुडांचल प्रोड्यूसर कंपनी: 175 स्व-सहायता समूहों की 2075 महिलाओं द्वारा रागी, कोदो, कुटकी, ज्वार और बाजरा (मिलेट्स) से बनाए जा रहे पास्ता, कुकीज और नूडल्स जैसे उत्पादों की सराहना की, जिससे वे हर महीने 8 से 10 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।
- भरेवा शिल्प कला: जनजातीय महिलाओं द्वारा पीतल, तांबे और कांसे से निर्मित अद्वितीय धातु कृतियों के स्टॉल का निरीक्षण किया।
- वनोपज और व्यंजन: नांदा फॉरेस्ट हनी (शहद), बैतूल सागौन, कुकरु कॉफी और ‘श्री अन्न’ से तैयार 18 प्रकार के पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी की भूरि-भूरि प्रशंसा की।





