Bhopal मध्य प्रदेश की राजधानी को आज एक नई प्रशासनिक पहचान मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल नगर निगम के नए भव्य मुख्यालय ‘अटल भवन’ का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने शिला पट्टिका का अनावरण किया और स्वच्छता के प्रति संकल्प दोहराते हुए पटल पर संदेश लिखा—’भोपाल स्वच्छता में रहेगा नंबर-वन’। यह नया भवन न केवल प्रशासनिक कार्यों को गति देगा, बल्कि आधुनिक वास्तुकला और ग्रीन तकनीक का अनूठा संगम भी है।
Bhopal ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट: ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण का मॉडल
‘अटल भवन’ को पूरी तरह से ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह भवन ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता का उदाहरण पेश करेगा। इसकी बिजली आपूर्ति नीमच के देवरी में स्थापित 10.5 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजना से की जाएगी, जिसका लोकार्पण भी रिमोट के जरिए इसी कार्यक्रम में किया गया। भवन में प्राकृतिक रोशनी (सनलाइट) और वेंटिलेशन की ऐसी व्यवस्था है जो भारतीय वास्तुकला के प्राचीन सिद्धांतों और आधुनिक ऊर्जा बचत की जरूरतों को पूरा करती है।
Bhopal एक छत के नीचे नागरिक सुविधाएं: 8 मंजिलों में फैला नया मुख्यालय
लगभग 73 करोड़ रुपये की लागत से बना यह नवनिर्मित भवन भू-तल सहित 8 मंजिलों में विस्तृत है। 2 लाख वर्ग फुट के इस परिसर में नगर निगम के सभी प्रमुख विभागों को एक ही छत के नीचे लाया गया है, जिससे नागरिकों को अपने काम के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। महापौर मालती राय ने बताया कि यह आधुनिक भवन डिजिटल सुविधाओं से लैस है और भोपाल को ‘मेट्रोपॉलिटिन सिटी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Bhopal जनसेवा का केंद्र: ‘अटल’ आदर्शों पर सुशासन का संकल्प
लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बना यह भवन जनसेवा और पारदर्शिता का केंद्र बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र में ‘नगर सरकार’ जनता की भावनाओं की अभिव्यक्ति का सबसे प्रभावी स्तंभ है। सीएम ने इस दौरान समारोह में शहनाई वादन कर रहे कलाकारों को पुरस्कृत करने के निर्देश देकर अपनी सहृदयता का परिचय भी दिया।
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