Bhopal प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें संस्करण के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनप्रतिनिधियों और आमजन के साथ इस कार्यक्रम को सुना। इस दौरान प्रधानमंत्री ने ‘डिजिटल जनगणना 2027’ का रोडमैप साझा किया, तो वहीं मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की सफलता पर प्रकाश डाला।
Bhopal जनगणना 2027: मोबाइल ऐप से होगी स्व-गणना (Self-Enumeration)
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ में जानकारी दी कि वर्ष 2027 की जनगणना दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना होगी। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- पूरी तरह डिजिटल: डेटा सीधे डिजिटल माध्यम से दर्ज होगा। घर-घर आने वाले प्रगणकों के पास विशेष मोबाइल ऐप होगा।
- स्व-गणना की सुविधा: नागरिक अब स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। कर्मचारी के आने से 15 दिन पहले यह पोर्टल खुलेगा।
- विशेष आईडी: खुद जानकारी भरने पर नागरिकों को एक आईडी मिलेगी, जिसे कर्मचारी को दिखाने पर दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी।
- डेटा सुरक्षा: प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी।
Bhopal ‘नारी शक्ति’ और युवाओं से मुख्यमंत्री का सीधा संवाद
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वहां मौजूद युवाओं और महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए कहा:
- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ: बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और स्वरोजगार के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- नारी शक्ति वंदन: मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण और सशक्तिकरण के लिए तत्पर है, हालांकि विपक्षी दलों के असहयोग के कारण संसद में कुछ बाधाएं आई हैं।
- बाल संस्कार: मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद बच्चों को अपने हाथों से नाश्ता कराया और उन्हें बड़ों का सम्मान करने तथा माता-पिता के नाम के साथ ‘श्री’ और ‘श्रीमती’ लगाने जैसे संस्कार सिखाए।
Bhopal जल संरक्षण में मध्य प्रदेश अव्वल: 30 जून तक चलेगा अभियान
मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जल संरक्षण के मामले में मध्य प्रदेश देश का नेतृत्व कर रहा है।
- जल गंगा संवर्धन अभियान: राज्य सरकार पुराने कुओं, बावड़ियों, तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर रही है।
- समय सीमा: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि यह अभियान 30 जून तक अनवरत चलेगा, जिसमें जनभागीदारी के माध्यम से नई जल संरचनाओं का निर्माण और विस्तार किया जा रहा है।





