Kashi: वाराणसी में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के नवनियुक्त जगतगुरु सनातन सम्राट Swami Chakrapani Nand Giri जी महाराज के प्रथम आगमन पर संतों और श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। जगतगुरु पद पर आसीन होने के बाद उनका यह पहला काशी प्रवास बेहद खास और ऐतिहासिक माना जा रहा है।
Kashi: हनुमान घाट स्थित जूना अखाड़े में हुआ स्वागत
अपने काशी प्रवास के दौरान जगतगुरु सबसे पहले Hanuman Ghat स्थित श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा पहुंचे। यहां अखाड़े के संतों ने पारंपरिक विधि से उनका स्वागत किया और भगवान दत्तात्रेय, हनुमान जी तथा भगवान भोलेनाथ के स्वरूपों का विधिवत पूजन कराया।

Kashi: काशी विश्वनाथ मंदिर में किया पूजन
इसके बाद जगतगुरु जी Kashi Vishwanath Temple पहुंचे, जहां “हर हर महादेव” के जयघोष के बीच उन्होंने श्रद्धा और भक्ति के साथ दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
Kashi: जपेश्वर मठ में संतों ने किया अभिनंदन
तत्पश्चात जगतगुरु जी जपेश्वर मठ, कमच्छा पहुंचे, जहां जूना अखाड़े के संतों और पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान सौरभ आनंद गिरी, योगानंद सरस्वती, सुखदेवानंद गिरी सहित कई संत और प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।
Kashi: संतों को सम्मान और आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान जगतगुरु जी ने सभी संतों को सम्मानित करते हुए दक्षिणा भेंट की और सनातन धर्म की सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Kashi: हिंदू महासभा के पदाधिकारी भी रहे मौजूद
इस अवसर पर Akhil Bharat Hindu Mahasabha के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रदेश अध्यक्ष अनूप मिश्रा, संगठन मंत्री राजकुमार सिंह और प्रदेश प्रभारी श्रीकांत पांडे सहित कई लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
Kashi: भक्तिमय माहौल और प्रसाद वितरण
पूरे कार्यक्रम के दौरान “हर हर महादेव”, “भगवान दत्तात्रेय की जय” और “जय जय श्री नारायण” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम के अंत में सभी संतों और श्रद्धालुओं ने वाराणसी का प्रसिद्ध मलाई-रबड़ी और दही प्रसाद के रूप में ग्रहण किया।
Kashi: प्रयागराज के लिए किया प्रस्थान
काशी प्रवास के बाद जगतगुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी जी सड़क मार्ग से Prayagraj के लिए रवाना हो गए। उनकी यह यात्रा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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