By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Swadesh NewsSwadesh NewsSwadesh News
  • Home
  • देश- विदेश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • बिहार
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • धर्म-संस्कृति
  • मनोरंजन
  • स्वदेश स्पेशल
  • वीडियो
  • खेल
  • व्यापार – रोज़गार
Search News
Web Stories

हास्य- हथौड़ा
Font ResizerAa
Font ResizerAa
Swadesh NewsSwadesh News
Search News
  • Home
  • देश- विदेश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • बिहार
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • धर्म-संस्कृति
  • मनोरंजन
  • स्वदेश स्पेशल
  • वीडियो
  • खेल
  • व्यापार – रोज़गार
Follow US
Swadesh News > Pin Post > Chanakya Thoughts on Fear : आचार्य चाणक्य ने इंसान के डर के बारे में ये 5 मुख्य मंत्र बताए
Pin Postधर्म-संस्कृति

Chanakya Thoughts on Fear : आचार्य चाणक्य ने इंसान के डर के बारे में ये 5 मुख्य मंत्र बताए

Swadesh News
Last updated: June 17, 2026 12:25 pm
By Swadesh News
Share
6 Min Read
Chanakya Thoughts on Fear how to overcome fear
Chanakya Thoughts on Fear how to overcome fear
SHARE

Chanakya Thoughts on Fear : मानव जीवन की सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक है—’डर’ (Fear)। यह एक ऐसा अदृश्य शत्रु है, जो इंसान को बिना हथियार उठाए ही मानसिक और आत्मिक रूप से पंगु बना देता है। महान कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और मार्गदर्शक आचार्य चाणक्य ने मानव स्वभाव का बहुत गहरा अध्ययन किया था। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध रचना ‘चाणक्य नीति’ में जीवन के हर पहलू पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया है। चाणक्य का मानना था कि डर कोई बाहरी ताकत नहीं है, बल्कि यह हमारे भीतर का एक भ्रम है। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह इंसान की पूरी क्षमता और उसके भविष्य को बर्बाद कर देता है।

Contents
Chanakya Thoughts on Fear : 1. डर के प्रति चाणक्य का सबसे बड़ा सूत्रChanakya Thoughts on Fear : 2. अज्ञात का डर और काल्पनिक चिंताएं

Chanakya Thoughts on Fear : 1. डर के प्रति चाणक्य का सबसे बड़ा सूत्र

आचार्य चाणक्य ने डर का सामना करने के लिए एक बेहद सटीक और आक्रामक नीति बताई है। उनका एक प्रसिद्ध श्लोक है, जिसका सरल अर्थ है:

“जब तक डर आपके पास नहीं आया है, तब तक उससे सावधान रहें और उससे बचने का प्रयास करें। लेकिन, जैसे ही डर आपके बिल्कुल करीब आ जाए (यानी संकट सामने खड़ा हो), तो बिना एक पल गंवाए उस पर पूरी ताकत से हमला कर दो और उसे नष्ट कर दो।”

इस विचार के माध्यम से चाणक्य हमें यह समझाते हैं कि डर से भागना किसी समस्या का समाधान नहीं है। जब तक कोई चुनौती दूर है, आप अपनी रणनीति बना सकते हैं, सतर्क रह सकते हैं। लेकिन जब संकट सिर पर आ जाए, तो डरकर पैर पीछे खींचने के बजाय, उसका डटकर सामना करना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

Chanakya Thoughts on Fear : 2. अज्ञात का डर और काल्पनिक चिंताएं

चाणक्य के अनुसार, इंसान का अधिकांश डर काल्पनिक होता है। हम अक्सर उन चीजों या घटनाओं से डरते हैं, जो अभी तक हुई ही नहीं हैं। “अगर मैं असफल हो गया तो क्या होगा?”, “अगर लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया तो क्या होगा?”—ये वो सवाल हैं जो इंसान को कदम आगे बढ़ाने से रोकते हैं। चाणक्य कहते हैं कि भविष्य की अनिश्चितताओं से डरकर वर्तमान को बर्बाद करना मूर्खता है। जो व्यक्ति आने वाले कल के डर से आज कोई ठोस कदम नहीं उठाता, वह कभी सफलता का स्वाद नहीं चख सकता।

Chanakya Thoughts on Fear : 3. आत्मविश्वास ही है डर का काल

आचार्य चाणक्य का मानना था कि डर केवल उसी मन में प्रवेश करता है जहाँ आत्मविश्वास की कमी होती है। जब व्यक्ति के भीतर ज्ञान, कौशल और दृढ़ इच्छाशक्ति होती है, तो डर उसके पास आने से भी कतराता है। चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को एक साधारण बालक से मगध का सम्राट बनाने के सफर में यही सिखाया था कि अपनी क्षमताओं पर कभी संदेह मत करो। यदि आप खुद पर भरोसा करना सीख जाते हैं, तो दुनिया का कोई भी डर आपको डिगा नहीं सकता।

Chanakya Thoughts on Fear : 4. डर को अपनी ताकत कैसे बनाएं?

चाणक्य नीति के अनुसार, डर को पूरी तरह से नकारना नहीं चाहिए, बल्कि उसका सही इस्तेमाल करना चाहिए। उदाहरण के लिए, परीक्षा में असफल होने का डर आपको अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित कर सकता है। व्यापार में घाटे का डर आपको अधिक सतर्क और योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर मजबूर कर सकता है। चाणक्य कहते हैं कि बुद्धिमान व्यक्ति वह है जो डर को खुद पर हावी होने देने के बजाय, उसे आत्म-सुधार और तैयारी का माध्यम बना लेता है।

Chanakya Thoughts on Fear : 5. कर्म के सामने घुटने टेक देता है डर

डर का सबसे बड़ा इलाज है—’कर्म’। जब आप किसी काम को करने से डरते हैं और उसे टालते रहते हैं, तो वह डर और बड़ा होता जाता है। इसके विपरीत, जब आप उस काम को करना शुरू कर देते हैं, तो धीरे-धीरे वह डर अपने आप गायब हो जाता है। चाणक्य के अनुसार, कर्मठ व्यक्ति के जीवन में डर के लिए कोई जगह नहीं होती। आलस्य और अकर्मण्यता ही डर की जननी हैं।

आचार्य चाणक्य के विचार आज के आधुनिक और तनावपूर्ण जीवन में भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। चाहे आप एक छात्र हों, नौकरीपेशा हों या बिजनेसमैन—डर हर किसी के सामने आता है। लेकिन विजेता वही बनता है जो चाणक्य के इस सिद्धांत को अपनाता है कि डर के आगे घुटने टेकने के बजाय, उसकी आंखों में आंखें डालकर उसे हराना सीखो। आज ही अपने भीतर के छिपे हुए डर को पहचानिए, उस पर वार कीजिए और अपनी सफलता का मार्ग प्रशस्त कीजिए।

ये भी जानिए MP Religious Tourism : धर्म-आस्था और संस्कृति-पर्यटन को नई गति, लोक कलाओं, ऐतिहासिक धरोहरों का भी समावेश

TAGGED:Chanakya motivational quotes in hindiChanakya thoughts on fearHindi NewsMotivational Chanakya NitiTODAY NEWSआचार्य चाणक्य के विचारडर को खत्म करने के उपायडर पर जीत कैसे पाएंमोटिवेशनल चाणक्य नीतिसफलता के मूल मंत्र
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Your opinion
Love0
Sad0
Happy0
Shy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

Cyber Fraud Case
उत्तर प्रदेश

Cyber Fraud Case: 1.50 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, 11 शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार

By Yoganand Shrivastava
Pin Postअग्निपथ

Supreme Court Hearing : भोजशाला परिसर में नमाज पढ़ने की नहीं दी मंजूरी,एमपी हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से किया इनकार

By Abhishek Singh
Damodar Yadav Statement
मध्य प्रदेश

Damodar Yadav Statement: दामोदर यादव का बड़ा बयान, धीरेंद्र शास्त्री के भाई की गिरफ्तारी की मांग, छतरपुर आने का किया ऐलान

By Yoganand Shrivastava
Sirohi Murder Case
राजस्थान

Sirohi Murder Case: पत्नी को घुमाने के बहाने रची हत्या की साजिश, उदयपुर से लौटते वक्त गला घोंटकर मारने का आरोप

By Yoganand Shrivastava

स्वदेश न्यूज़ भारत का एक राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित होने वाला सैटेलाइट हिंदी न्यूज़ चैनल है, जिसका स्वमितत्व भुवनेश्वरी मल्टिमीडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास है।

स्वदेश न्यूज़, अभिव्यक्ति और पत्रकारिता की स्वतंत्रता (freedom of speech) (freedom of the press) पर भरोसा रखता है, जो लोगों की आवाज बनकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रुप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

  • About Us
  • Contact US
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
Menu
  • About Us
  • Contact US
  • Privacy Policy
  • Disclaimer

Quick Link

  • खेल
  • स्वदेश स्पेशल
  • राज्य
  • देश- विदेश
  • बिहार चुनाव 2025
  • धर्म-संस्कृति
  • मनोरंजन
  • व्यापार – रोज़गार

Swadesh News. 59, Link Road No. 3, Panchsheel Nagar, Bhopal, Madhya Pradesh- 462016 Hours: Open 24 hours Phone: +91 0755- 2929533

© Copyright by SWADESH NEWS 2026

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?