Report: Ratan kumar
Jamtara मट्टांड नदी के तट से जल भरकर शुरू हुई इस कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गुंजायमान कर दिया। हजारों की संख्या में महिला श्रद्धालुओं और कन्याओं ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ कलश पूजन कर मंदिर प्रांगण तक पदयात्रा की।
Jamtara श्रद्धा और उत्साह का संगम: भव्य नगर भ्रमण
कलश यात्रा के दौरान भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिला। पंडितों को घोड़े के रथ पर सवार कर नगर भ्रमण कराया गया, वहीं श्रद्धालुओं पर जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर झूमते भक्तों के लिए यज्ञ समिति ने गर्मी को देखते हुए शरबत और पानी की विशेष व्यवस्था की थी। सुरक्षा के लिहाज से एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम भी यात्रा के साथ मुस्तैद रही।
Jamtara सांस्कृतिक संध्या और कलाकारों का जमावड़ा
22 अप्रैल से शुरू होकर यह महायज्ञ 30 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान हर शाम राष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अंतिम दिन होगा, जब मशहूर भजन गायिका शहनाज अख्तर अपनी आवाज से भक्तों को मंत्रमुग्ध करेंगी। प्रतिदिन सुबह-शाम हवन और पूजन के साथ-साथ विद्वान कथावाचकों द्वारा प्रवचन भी दिया जाएगा।
Jamtara मेले का आनंद और सुदृढ़ व्यवस्था
महायज्ञ के साथ-साथ यहाँ बच्चों और ग्रामीणों के मनोरंजन के लिए विशाल मेले का आयोजन किया गया है। मेले में मौत का कुआं, ब्रेक डांस, सर्कस और विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं। यज्ञ समिति ने आयोजन को सफल बनाने के लिए 16 अलग-अलग विभाग बनाए हैं और सैकड़ों स्वयंसेवकों को सुरक्षा व व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।





