Bastar Development : हर गांव तक पहुंचेगी मूलभूत सुविधाएं, ग्राम सभा तय करेगी प्राथमिक विकास कार्य
Bastar Development : छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजनाएं ‘बस्तर मुन्ने (अग्रणी बस्तर)’ और ‘नियद-नेल्लानार 2.0’ के जरिए बीजापुर जिले में विकास को नई गति मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इन योजनाओं का उद्देश्य नक्सल मुक्त हो चुके बस्तर क्षेत्र में तेज़ी से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।कलेक्टर संबित मिश्रा ने बताया कि ‘बस्तर मुन्ने’ अभियान के तहत जिले के सभी गांवों में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल टावर जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाएगा। ग्राम सभाओं के माध्यम से गांव के लिए तीन प्रमुख विकास कार्यों का चयन किया जाएगा, जिन्हें तय समय-सीमा में पूरा किया जाएगा।

Bastar Development : 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ, 27 अप्रैल से शुरू होगा सर्वे अभियान
Bastar Development : वहीं ‘नियद-नेल्लानार 2.0’ योजना के तहत एनसीएईआर सर्वे में चिन्हित उन परिवारों को शामिल किया जाएगा, जो अब तक 31 जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित रहे हैं। इसके अलावा 14 सामुदायिक सुविधाएं और 10 आवश्यक योजनाओं का भी शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाएगा।पहले इस योजना का दायरा पुलिस सुरक्षा कैंप से 10 किलोमीटर तक सीमित था, लेकिन अब बीजापुर के नक्सल मुक्त होने के बाद जिले के सभी गांव और ग्राम पंचायतों को इसमें शामिल किया गया है।
Bastar Development : कलेक्टर ने जानकारी दी कि 27 अप्रैल से सर्वे अभियान शुरू होगा, जिसमें पहले चरण में 80 गांवों को शामिल किया जाएगा। मैदानी अमला एक सप्ताह तक गांवों में रहकर डोर-टू-डोर सर्वे करेगा और बाद में शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों और मीडिया से अपील की है कि वे इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इसका लाभ उठा सकें। साथ ही ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की गई है कि वे अपने दस्तावेज सुरक्षित रखें और सर्वे टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रह जाए।
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