Report: Ankur panday
Ayodhya धार्मिक नगरी अयोध्या की जिला जेल से बुधवार को दो विचाराधीन कैदियों के भागने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महानिदेशक (DG) जेल ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए जेल अधीक्षक समेत सात अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।
तन्हाई बैरक की दीवार तोड़कर हुए फरार
Ayodhya फरार कैदियों की पहचान सुल्तानपुर निवासी शेर अली (दुष्कर्म का आरोपी) और अमेठी निवासी गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज (हत्या के प्रयास का आरोपी) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों ने बेहद शातिराना तरीके से ‘तन्हाई बैरक’ की दीवार को क्षतिग्रस्त किया और फिर जेल की ऊंची बाउंड्री वॉल फांदकर रफूचक्कर हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत अलर्ट जारी किया गया।
लापरवाही पर गिरी गाज: सीनियर अधीक्षक समेत 7 सस्पेंड
Ayodhya जेल प्रशासन की इस भारी लापरवाही पर शासन ने बिजली की गति से कार्रवाई की है। डीजी जेल ने सीनियर जेल अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके अलावा ड्यूटी पर तैनात एक हेड वार्डर और तीन वार्डर को भी सस्पेंड किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी घटना बिना किसी आंतरिक लापरवाही या मिलीभगत के संभव नहीं थी, इसलिए अब विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
सरगर्मी से तलाश और सुरक्षा पर सवाल
Ayodhya फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस और जेल प्रशासन ने कई विशेष टीमों का गठन किया है। अयोध्या और आसपास के जिलों की सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, इस घटना ने प्रदेश की जेलों में कैदियों की निगरानी और बुनियादी ढांचे की मजबूती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस फरार कैदियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
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