ऐसे बनेगा हाईटैक और सुरक्षित रेलवे का सफर?
ग्वालियर: भारतीय रेल देश की लाइफ लाइन मानी जाती है। लाखों लोग रोजाना देश के इस कोने से उस कोने तक रेल से सफर करते हैं, यही कारण है कि केंद्र की मोदी सरकार रेल की सुरक्षा और इंफ्रास्टक्चर को आधुनिक और हाईटेक बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है। लेकिन रेलवे के अधिकारी हैं कि इस फंड में पलीता लगा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मुरैना के जिले बामौर गांव के रेलवे स्टेशन पर हुए निर्माण में सामने आया है। यहां एक साल पहले ही प्लेटफॉर्म का निर्माण हुआ है। लेकिन इस प्लेटफॉर्म की गुणवत्ता किसी नगर निगम के निर्माण से भी घटिया देखने को मिली है। जौरा से सबलगढ़ जाने वाली छोटी लाइन को ब्राडगेज लाइन में कंवर्ट किया गया है।

छह इंच नीचे डाउन हो गया प्लेफॉर्म
इसी लाइन पर बामौर गांव के स्टेशन पर बना प्लेटफॉर्म अपनी जगह से छह इंच नीचे खिसक गया है यानि एक तरफ से 6इंच नीचे झुक गया है। जब इस प्लेटफॉर्म पर यात्री पैदल चलेंगे या दौड़ लगाएंगे तो उनका पैर फिसलना तय है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म पर टाइल्स और बाकी निर्माण कार्य भी निम्न स्तर का हुआ है। फ्लोर पर जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं। स्वदेश न्यूज से मौके पर जाकर निर्माण कार्य का रिलरिटी चेक किया है। हमने वहां मौजूद आम लोगों से भी बात की है।


आम आदमी- स्टेशन पर मौजूद ओमप्रकाश से जब हमने बात की तो उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म अपनी जगह से 6 इंच से ज्यादा डाउन हो गया है.
आम आदमी- इसी तरह से एक और शख्स ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

प्लेटफॉर्म निर्माण में हुई खामियां आम आदमी को दिखाई दे रही है। लेकिन रेलवे के इंजीनियरों और अफसरों को नजर नहीं आ रही है। इसका मतलब साफ है निर्माण में स्थानीय रेलवे प्रशासन से लेकर ऊपर तक मिलीभगत है। क्या इस लाइन पर बने बाकी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म के निर्माण में भी गोलमाल हो रहा है। किस ठेकेदार से ये निर्माण कराया गया है। कौन-कौन इंजीनियर और अधिकारी इन निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार है। क्या इस ट्रैक पर पुल-पुलिया के निर्माण में भी कोताही बरती गई है। ऐसे कई सवाल हैं। जिसने रेलवे के निर्माणों कार्यों पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। क्या रेलवे का महकमा इस खबर के बाद इन निर्माण कार्यों को लेकर संजीदगी दिखाएगा और जांच करा कर दोषी अधिकारियो और ठेकेदार को दंडित करेगा। हमने रेलवे के जनसंपर्क और अन्य अधिकारियों से भी बात की।
रेलवे जनसंपर्क अधिकारी झांसी: ऐसा कुछ नहीं है, रेलवे का कार्य मानकों के अनुसार और गुणवत्ता पूर्ण होता है।





