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पाकिस्तान नहीं, अब चीन भी भारत के खिलाफ खुलकर सामने आया – जानिए 10 ठोस संकेत

BY: Yoganand Shrivastva

अब सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि चीन भी भारत के खिलाफ पूरी तरह खुलकर मैदान में उतर चुका है। एक ओर जहां चीन दुनिया के सामने शांति और सहयोग की बातें करता है, वहीं दूसरी ओर वह परदे के पीछे लगातार भारत को रणनीतिक और सैन्य रूप से घेरने की कोशिश कर रहा है। नीचे ऐसे 10 ठोस प्रमाण दिए गए हैं, जो चीन के दोहरे रवैये को उजागर करते हैं।

1. पाकिस्तान को हथियारों की तकनीक का समर्थन

चीन ने पाकिस्तान को अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियाँ और ड्रोन तकनीक जैसे विंग लूंग ड्रोन, HQ-16 मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक प्रदान की है। इनका इस्तेमाल भारत के विरुद्ध किया जा रहा है।

2. पाक अधिकृत कश्मीर में सैन्य उपस्थिति

चीन-पाक आर्थिक गलियारे (CPEC) की आड़ में चीन ने POK में न केवल निवेश किया है, बल्कि वहां अपनी सेना (PLA) की मौजूदगी और चीनी निजी सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती भी की है।

3. आतंकी संगठनों को अप्रत्यक्ष सुरक्षा कवच

चीन ने संयुक्त राष्ट्र में कई बार जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से जुड़े आतंकियों को वैश्विक आतंकी घोषित करने से रोका है। मसूद अजहर इसका प्रमुख उदाहरण है।

4. चीन-पाकिस्तान का ‘हर मौसम’ वाला साथ

बीजिंग बार-बार यह दोहराता है कि वह हर परिस्थिति में पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा — फिर चाहे मामला भारत के खिलाफ ही क्यों न हो।

5. सीमाओं के निकट संयुक्त सैन्य अभ्यास

चीन और पाकिस्तान समय-समय पर भारत की सीमाओं के निकट साझा सैन्य अभ्यास करते रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से भारत को चेतावनी देने जैसा कदम है।

6. गलवान संघर्ष के समय पाकिस्तान की भूमिका

जब 2020 में लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तनाव चरम पर था, तभी पाकिस्तान ने एलओसी पर संघर्ष विराम उल्लंघन तेज कर दिया। यह समन्वयित रणनीति की ओर इशारा करता है।

7. चीनी ड्रोनों की घुसपैठ और पाकिस्तानी लिंक

पंजाब और जम्मू-कश्मीर में देखे गए कई ड्रोन चीन निर्मित थे, जिन्हें पाकिस्तान की ओर से ऑपरेट किया गया। ये ड्रोन गतिविधियाँ सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को चुनौती देती हैं।

8. कश्मीर और अरुणाचल पर चीन का बयान

चीन ने धारा 370 हटाने का विरोध किया और इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने के लिए पाकिस्तान का साथ दिया। वहीं अरुणाचल प्रदेश को लेकर भी जानबूझकर बयानबाजी की जाती है ताकि भारत पर दबाव बनाया जा सके।

9. साइबर हमलों में गुप्त साझेदारी

भारत की सुरक्षा, रेलवे और ऊर्जा प्रणालियों पर किए गए साइबर हमलों में चीन और पाकिस्तान की मिलीभगत सामने आई है। यह एक नई किस्म की डिजिटल जंग है।

10. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का पक्ष लेना

भारत जब भी आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा करता है, चीन अक्सर संयुक्त राष्ट्र, BRICS, और SCO जैसे मंचों पर पाकिस्तान का बचाव करता है।

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