Trump: वॉशिंगटन से सामने आए घटनाक्रम में अमेरिका में जन्मे पोप लियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा कि वेटिकन की शांति और सुलह की अपीलें पूरी तरह Gospel के सिद्धांतों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने मिशन को लेकर किसी भी तरह का भय महसूस नहीं करते और दुनिया में शांति का संदेश फैलाते रहेंगे।
Trump: ‘मेरे संदेश को गलत समझा गया’
अल्जीरिया की यात्रा के दौरान विमान में पत्रकारों से बातचीत में पोप ने कहा कि उनके विचारों की तुलना राजनीतिक बयानबाजी से करना सही नहीं है। उन्होंने इस पर दुख जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल चर्च के मिशन को आगे बढ़ाना है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे का समर्थन करना।
Trump: किसी पर हमला नहीं, शांति का संदेश
पोप लियो ने स्पष्ट किया कि उनके बयान किसी व्यक्ति या सरकार पर हमला नहीं हैं। उनका कहना है कि वे सिर्फ लोगों को संवाद, सुलह और युद्ध से बचने के रास्ते तलाशने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने दोहराया कि उनका मकसद मानवता के लिए शांति का मार्ग प्रशस्त करना है।
Trump: ट्रंप ने पहले की थी कड़ी आलोचना

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि पोप अपना काम सही तरीके से कर रहे हैं और उन्हें ‘कट्टर वामपंथियों को खुश करने’ से बचना चाहिए। ट्रंप ने यह भी कहा था कि पोप को राजनीतिक बयान देने के बजाय अपनी धार्मिक भूमिका पर ध्यान देना चाहिए।
Trump: ‘राजनीति नहीं, धर्म पर ध्यान दें’
ट्रंप ने यह भी टिप्पणी की थी कि उन्हें ऐसा पोप पसंद नहीं जो अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचना करे। उनके अनुसार, पोप को समझदारी से काम लेते हुए अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और एक धार्मिक नेता की तरह आचरण करना चाहिए।
Trump: वैश्विक स्तर पर बढ़ी बयानबाजी
पोप और ट्रंप के बीच यह बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया में कई जगहों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में शांति, कूटनीति और संवाद को लेकर दोनों पक्षों के विचारों में स्पष्ट अंतर देखने को मिल रहा है।





