Tahir Hussain Convicted उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को हत्या, अपहरण और दंगा जैसे गंभीर आरोपों में दोषी करार दिया है। वहीं मामले में आरोपित छह अन्य व्यक्तियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। यह फैसला करीब छह वर्षों तक चली सुनवाई और जांच के बाद सामने आया है।
Tahir Hussain Convicted अदालत ने क्या माना दोषी?
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में सफल रहा कि 25 फरवरी 2020 को चांद बाग क्षेत्र में एक गैरकानूनी और हिंसक भीड़ एकत्रित हुई थी। न्यायालय के अनुसार, इसी भीड़ ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा को घेरकर उनके साथ मारपीट की और उनकी हत्या कर दी। कोर्ट ने माना कि ताहिर हुसैन उस भीड़ का हिस्सा था और भारतीय दंड संहिता की धारा 149 के तहत भीड़ द्वारा किए गए अपराधों के लिए वह कानूनी रूप से जिम्मेदार है।
Tahir Hussain Convicted अब सजा पर होगी सुनवाई
ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), धारा 363/365 (अपहरण से संबंधित अपराध) और धारा 147 (दंगा) सहित अन्य प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया है। अब अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। कानून के अनुसार धारा 302 के तहत दोष सिद्ध होने पर अदालत के पास आजीवन कारावास या मृत्युदंड देने का विकल्प होता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सजा का अंतिम निर्णय मामले की परिस्थितियों, अपराध की गंभीरता और अदालत की विवेकाधीन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
Tahir Hussain Convicted 2020 के दंगों में हुई थी अंकित शर्मा की हत्या
आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान हुई थी। बाद में उनका शव एक नाले से बरामद हुआ था। जांच एजेंसियों के अनुसार शव पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे। इस मामले को दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है और अब दोषसिद्धि के बाद सभी की निगाहें अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा पर टिकी हुई हैं।





