Isa Ahmad
Bhaumati Amavasya: धर्मनगरी हरिद्वार में इस बार मंगलवार को पड़ रही भोमती अमावस्या को लेकर विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार को पड़ने वाली अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर सिद्ध पीठ नारायणी शिला मंदिर के मुख्य पुजारी मनोज त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं से पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और पितरों के तर्पण का पुण्य लाभ लेने की अपील की है।
Bhaumati Amavasya: भोमती अमावस्या पर स्नान और तर्पण का विशेष महत्व
Bhaumati Amavasya: मुख्य पुजारी मनोज त्रिपाठी के अनुसार, जिस प्रकार सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व माना जाता है, उसी प्रकार मंगलवार को पड़ने वाली भोमती अमावस्या भी अत्यंत फलदायी मानी जाती है। उन्होंने बताया कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान, पितरों का तर्पण, दान-पुण्य और भगवान की पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
Bhaumati Amavasya: श्रद्धा और आस्था के साथ पर्व मनाने की अपील
Bhaumati Amavasya: मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लें। मान्यता है कि भोमती अमावस्या के दिन किए गए सत्कर्म व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा पितृ दोषों के निवारण में भी सहायक माने जाते हैं।





