BY
Yoganand Shrivastava
Suvendu Adhikari Pension Scheme पश्चिम बंगाल सरकार ने आपातकाल (इमरजेंसी) के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन करने वाले लोगों को सम्मानित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि राज्य के 325 लोकतंत्र सेनानियों को हर महीने ₹10,000 की पेंशन प्रदान की जाएगी।
यह सहायता राशि राज्य सरकार की नई योजना ‘वेस्ट बंगाल लोकतंत्र सेनानी ऑनर’ के तहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने नबान्न में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस फैसले की जानकारी दी।
Suvendu Adhikari Pension Scheme सरकार ने चिन्हित किए पात्र लाभार्थी
सरकारी सूत्रों के अनुसार, उन लोगों की पहचान पहले ही कर ली गई है जिन्होंने वर्ष 1975-77 के आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन किया था और जेल भी गए थे। ऐसे 325 लोगों को इस योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को सम्मान देना सरकार की जिम्मेदारी है और उनकी सेवाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
Suvendu Adhikari Pension Scheme क्या था 1975 का आपातकाल?
भारत में 25 जून 1975 को तत्कालीन केंद्र सरकार की सिफारिश पर संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया गया था। यह अवधि मार्च 1977 तक चली। इस दौरान राजनीतिक विरोधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कई संगठनों के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।
इसी पृष्ठभूमि में आपातकाल का विरोध करने वाले और जेल जाने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने यह पेंशन योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।
यह फैसला राज्य की नई सरकार द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों और संघर्ष की विरासत को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



