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Bhopal Master Plan 2047 ड्राफ्ट तैयार, 51 KM. ग्रोथ कॉरिडोर, EKAI सिटी, गोल्फ कोर्स और 27% हरित क्षेत्र समेत जानें नए मास्टर प्लान की खास बातें

Bhopal Master Plan 2047 draft city

Bhopal Master Plan 2047 : भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐतिहासिक सौगात की तैयारी कर ली है। प्रशासन ने भोपाल के नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। यह मास्टर प्लान ड्राफ्ट चार प्रमुख स्तंभों पर बनाया गया है। इन चार स्तंभों में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, आधुनिक दृष्टिकोण एवं नागरिक हितैषी नियोजन, सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन और आत्मनिर्भर एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाला विकास शामिल हैं। अब इस ड्राफ्ट पर सरकार दावे-आपत्तियां आमंत्रित करेगी।

इस ड्राफ्ट को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर-भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र- के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है। योजना में हरित TDR का प्रावधान किया गया है, जिससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सकेगी। समृद्ध, सुगम और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रकाशित प्रारूप पर नागरिक अपने आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।

Bhopal Master Plan 2047 : भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की कई विशेषताएं

गौरतलब है कि भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की कई विशेषताएं हैं। इसमें प्राकृतिक संवेदनशीलता सम्मत नियोजन किया है। इसके तहत भोज ताल और इसके जलग्रहण क्षेत्र को संरक्षित रखने की अवधारणा को आधारभूत रखते हुए योजना तैयार की गई है। इसके अतिरिक्त पहाड़ियों, वन क्षेत्रों, तालाबो एवं जलाशयों, बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण के भी समुचित प्रावधान ड्राफ्ट में किए गए हैं। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन सम्बन्धी प्रस्ताव हैं। इसे विकास योजना इस दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है कि पर्यावरणीय संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास किया जा सके। वर्तमान परिदृश्य के साथ साथ अगली पीढ़ी को शहर में पर्याप्त अवसर प्राप्त हो सकें। इसके लिए लगभग 3000 हेक्टर भूमि ग्रोथ कॉरीडोर के अंतर्गत प्रस्तावित की गई है। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में महानगरीय अवधारणा भोपाल विकास योजना-2047 के प्रस्ताव इस प्रकार रखे गए हैं कि भोपाल मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के साथ इसका सामंजस्य सहज रूप से हो सके और शहर में होने वाले विकास तथा मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के संसाधनों से परस्पर लाभान्वित हो सके।

Bhopal Master Plan 2047 : ड्राफ्ट में ग्रोथ कॉरीडोर पर फोकस

भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में ग्रोथ कॉरीडोर पर फोकस किया गया है। इसमें निवेश सम्मत वातावरण तैयार करने के दृष्टिकोण से 51 किलोमीटर लम्बे ग्रोथ कॉरीडोर की परिकल्पना की गई है। यह ग्रोथ कॉरीडोर एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (EKAI) सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक भंडारण एवं थोक परिक्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न उपनगरों को भी जोड़ता है। इस कॉरीडोर पर मिश्रित उपयोग के साथ उच्च घनत्व का विकास परिकल्पित है।

इस कॉरीडोर में लोक परिवहन के लिए बीआरटीएस कॉरीडोर प्रस्तावित है, जिसका भविष्य में एमआरटीएस में उन्नयन किया जा सकेगा। इस क्षेत्र में होटल एवं हास्पिटेलिटी, स्वास्थ्य सेवा, अन्य व्यापार, आईटी सेक्टर, एआई एवं डाटा सेन्टर, लॉजिस्टिक, थोक व्यापार, हाईपर मार्केट, मॉल मल्टीप्लेक्स, कार्पोरेट ऑफिस, विभिन्न संस्थान, ऐजुकेशन हब, हाउसिंग इत्यादि जैसे रोजगार उन्मुखी गतिविधियां, मिश्रित उपयोग के रूप में विकसित किए जा सकेंगे। इस क्षेत्र में असीमित एफएआर के प्रावधान रखे गए हैं।

ग्रोथ कॉरीडोर को विभिन्न रेडियल मार्गों से नगर से जोड़ते हुए टांसिट उन्नमुख जोन (TOD) के रूप में विकसित किया जाएगा। नगर के बाहर विभिन्न दिशाओं से आने वाले क्षेत्रीय मार्ग जैसे विदिशा मार्ग, रायसेन मार्ग, नर्मदापुरम मार्ग एवं इन्दौर मार्ग को ग्रोथ कॉरीडोर के माध्यम से नगर से जोड़ा जाएगा, जिससे मेट्रेपोलिटन क्षेत्र के विभिन्न भागो से बेहतर संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया है। ग्रोथ कॉरीडोर एवं इसके रेडियल मार्गों का विकास नगर विकास स्कीम के माध्यम से भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर स्थित नवीन प्रस्तावित बायपास मार्ग को ग्रीन फील्ड कॉरीडोर के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। ये मार्ग के दोनों ओर 50-50 मीटर भूमि हरित क्षेत्र के रूप में प्रस्तावित की गई है।

Bhopal Master Plan 2047 : बेहतर सामंजस्य पर जोर

भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मिश्रित भूमि उपयोग के प्रस्ताव राज्य की टीओडी नीति के अनुरूप आवासीय उपयोग के तहत मार्ग की चौड़ाई के आधार पर मिक्स लेण्ड यूज प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि कार्यस्थल एवं आवास (Work & Home) में बेहतर सामंजस्य स्थापित हो सके एवं नगर की मोबिलिटी भी लोक परिवहन आधारित हो सके। असीमित एफएआर एवं भवन ऊचाई नगरीय क्षेत्र की भूमि का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा निवेश मित्र वातावरण तैयार करने के उ‌द्देश्य से मार्ग की चौड़ाई के आधार पर एफएआर का निर्धारण किया गया है। अधिक चौड़े मार्गो पर स्थित भूमियों को एफएआर एवं भवन की ऊंचाई की सीमा से मुक्त रखा गया है।

मास्टर पलान ड्राफ्ट में विकास मापदण्डों का सरलीकरण एवं युक्तियुक्तकरण विकास मापदण्डों में भूतल कवरेज को हटाया गया है, जिससे नागरिकों एवं विकासकर्ताओ को लाभ होगा एवं डिजाइन विकल्प उपलब्ध होंगे। भवनों के आसपास छोड़े जाने वाले एमओएस का भी पुर्ननिर्धारण इस प्रकार से किया गया है कि भूमि का अनुकूलतम उपयोग हो सके। विकास मापदण्डो का सरलीकरण किया गया है, जिससे आम नागरिक को समझने में कठिनाई न हो।

Bhopal Master Plan 2047 : शहर की हरियाली पर खासा ध्यान

भोपाल मास्टर प्लान 2005 में हरित क्षेत्र लगभग 16 प्रतिशत निर्दिष्ट था, जिसको बढ़ाकर भोपाल विकास योजना-2047 में लगभग 27 प्रतिशत किया गया है, जो कि यूआरडीपीएफआई गाइडलाइन के मानकों से कहीं अधिक है। भानपुर खंती के पुर्नविकास के लिए इस पर गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है। इसके अतिरिक्त कॉलोनी स्तर पर भी खुला क्षेत्र 10 प्रतिशत से बढाकर 12 प्रतिशत किया गया है। इससे हरित क्षेत्र में अतिरिक्त वृद्धि होगी। इसके अलावा सर्विस एरिया हेतु भी 2 प्रतिशत का क्षेत्रफल रखा जाना आवश्यक होगा।

विकास योजना के कियान्वयन हेतु पूँजी संग्रहण विकास योजना में प्रीमियम ऑन एफएआर, प्रशमन इत्यादि के माध्यम से स्थानीय निकाय की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका उपयोग विकास योजना के क्रियान्वयन में किया जाना संभव हो सकेगा। इससे विकास योजना के यथासमय क्रियान्वयन में सहयोग प्राप्त हो सकेगा। भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में क्रिएटिव रीडेवलपमेंट के माध्यम से पुर्नविकास नगर के विकसित क्षेत्रों में भूमि का अनुकूलतम उपयोग संभव हो सके इस दृष्टिकोण से भूखण्डों का संविलियन, बेस एफएआर में छूट इत्यादि जैसे पुर्नविकास को प्रोत्साहन देने वाले प्रावधान रखे गए हैं।


इसके अतिरिक्त 70 प्रतिशत रहवासियों की सहमति होने पर आरडब्ल्यूए आवासीय अपार्टमेंट का पुर्नविकास कर सकेगी। शहर में अधिकाधिक अर्कोडेवल हाउसिंग निर्मित हो सकें इसके लिए ऐसी परियोजनाओं को एफएआर कय करने की बाध्यता से मुक्त रखा गया है। इसके अतिरिक्त नगर में प्रवासी नागरिकों के लिए रेंटल हाउसिंग विकसित हो सके इसके लिए भी प्रोत्साहन रखे गए हैं। हरित टीडीआर के प्रावधान विकास योजना में प्रस्तावित आमोद-प्रमोद के क्षेत्र में आने वाले भूमि स्वामियों की क्षतिपूर्ति हो इसी प्रकार हेरिटेज टीडीआर के प्रावधान भी रखे गए हैं।

Bhopal Master Plan 2047 : सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंध

विकास योजना के कियान्वयन का प्रभावी पर्यवेक्षण रियल टाईम पर्यवेक्षण संभव हो सके और अप्राधिकृत निर्माण तथा नगर की मोबिलिटी एवं क्रियान्वयन की समस्याओं का यथासमय निराकरण हो सके, इसके लिए डिजीटल ट्विन सिटी की व्यवस्था रखे जाने के प्रस्ताव भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में दिए गए हैं। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में शहर की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो सके, इसके लिए भी प्रावधान रखे गए हैं।

इसमें सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए निजी सीसीटीवी कैमरो की नेटवर्किंग, सार्वजनिक भवनों की बाउण्ड्री वॉल को पारदर्शी रखने, सुरक्षित यातायात व्यवस्था के प्रावधान सम्मिलित हैं। भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मल्टीलेवल पार्किंग, मेकेनाईज्ड पार्किंग, सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे पार्किंग की व्यवस्था, आरओबी-फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग व्यवस्था, सार्वजनिक मार्गो पर आरडब्ल्यूए द्वारा पार्किंग शुल्क लेने के लिए प्रावधान, बेसमेंट पार्किंग के लिए भूखण्डों का संयुक्तिकरण मान्य किए जाने जैसे प्रावधान रखे गए हैं।

Bhopal Master Plan 2047 : पढ़ाई और चैरिटी का भी रखा ध्यान

भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में यह प्रावधान भी किया गया है कि निजी विकासकर्ताओ द्वारा भी विकास योजना के मार्गों का निर्माण किया जा सके। इसके लिए शासकीय भूमि अथवा टीडीआर के माध्यम से भूमि अर्जन कर विकासकर्ता को उपलब्ध कराई जा सकेगी। भौंरी क्षेत्र में एजुकेशन हब के विकास के लिए एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (EKAI) सिटी की परिकल्पना की गई है। चैरिटेबल गतिविधि जैसे अनाथ आश्रम, मूक बधिर विद्यालय एवं छात्रावास, दिव्यान्ग विशेष विद्यालय, वृद्धाश्रम, रैन बसेरा इत्यादि को एफएआर कय करने की बाध्यता से मुक्त रखा गया है। यह गतिविधियां आवासीय, सार्वजनिक, अर्धसार्वजनिक, मिश्रित, सीएमयू, टीओडी एवं कृषि उपयोग में स्वीकार्य रखी गई है।

Bhopal Master Plan 2047 : देश का प्रमुख महानगर है भोपाल

भोपाल विकास योजना 1991 वर्ष 1975 में प्रकाशित की गई थी। भोपाल विकास योजना 2005 को 9 जून 1995 को प्रकाशित किया गया था, जिसका निवेश क्षेत्र 601.06 वर्ग किलोमीटर था और इसमें 146 ग्राम शामिल थे। भोपाल विकास योजना 2047 प्रारूप को 1016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र हेतु तैयार किया गया है, जिसमें 254 ग्राम सम्मलित है तथा यह 45 लाख की आंकलित जनसंख्या हेतु तैयार की गई है। योजना में विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्रफल 61017.02 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।

भोपाल प्रदेश की राजधानी होने के साथ साथ देश का एक प्रमुख महानगर भी है। यह नैसर्गिक सुन्दरता एवं प्राकृतिक धरोहर लिये हुये झीलो एवं पहाड़ो की नगरी, पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील नगर है। नगर में रामसर साइट के रूप में चिन्हित भोजताल (बडी झील), राष्ट्रीय उद्यान के साथ-साथ बाघ भ्रमण क्षेत्र भी स्थित हैं।


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