Saharsa News पुरानी जेल के समीप अवरुद्ध कार्य को पुनः चालू कराने की मांग को लेकर शनिवार को सौंपा ज्ञापन
रिपोट रतना मिश्रा
Saharsa News सहरसा नगर निगम अंतर्गत वार्ड संख्या 34 (पुरानी जेल के निकट) में निर्माणाधीन नाले के कार्य को पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर मोहल्ले के प्रबुद्ध नागरिकों ने शनिवार की दोपहर करीब 4 बजे नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान नागरिकों ने नगर आयुक्त को एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपते हुए वस्तुस्थिति से अवगत कराया और जनहित में नाला निर्माण कार्य को अविलंब पूरा कराने का आग्रह किया।
सोमवार को होगी स्थलीय जांच, मंगलवार से काम चालू कराने का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि आगामी सोमवार को नगर निगम की टीम द्वारा स्थल की भौतिक (स्थलीय) जांच कराई जाएगी और स्थिति स्पष्ट होते ही मंगलवार से रुके हुए नाला निर्माण का कार्य पुनः चालू करवा दिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
नगर आयुक्त को दिए गए आवेदन में स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने वार्ड संख्या 34 में पुरानी जेल के समीप आवासीय जमीन खरीदी है। आवागमन और जलनिकासी जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के लिए 20 फीट चौड़ा रास्ता छोड़ा गया था। क्षेत्र को भविष्य में जलजमाव की भीषण समस्या से बचाने के लिए स्थानीय वार्ड पार्षद की पहल पर नाला निर्माण का कार्य शुरू हुआ था।
आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान रंजना सिंह (पति- संजय कुमार सिंह) द्वारा उक्त सार्वजनिक जमीन को निजी संपत्ति बताकर कार्य में बाधा डाली गई और जबरन काम रुकवा दिया गया। मोहल्लेवासियों का कहना है कि यह सार्वजनिक रास्ता है और निजी दावा कर विकास कार्य को रोकना सर्वथा अनुचित है।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने और नगर आयुक्त से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से अनिल कुमार यादुका, अरुण कुमार यादुका, राजेश कुमार पचेरिया, विकास कुमार पचेरिया, अंकित कुमार तुलस्यान, आशीष कुमार, गोपाल दहियान, विक्रम कुमार, लक्ष्मी देवी, राखी कुमारी, मोना अग्रवाल, मधु पंसारी, अंजली यादुका, सुनीता देवी सहित कई अन्य स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
ये भी जानिए : Pitru Paksha Men Pitru Tarpan की शुरुआत, उज्जैन से गंजबासौदा और डबरा तक घाटों पर उमड़ी श्रद्धा


