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Baba Sri Chand Ji Maharaj के 532वें प्रकाश पर्व में शामिल हुए CM सैनी, कहा, आत्म-अनुशासन ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी

Baba Sri Chand Ji Maharaj CM Saini

रिपोर्ट- अंकुर कपूर

Baba Sri Chand Ji Maharaj : होशियारपुर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को पंजाब के होशियारपुर में प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के बड़े साहिबजादे बाबा श्री चंद जी महाराज के 532वें प्रकाश पर्व और पूर्णमासी के अवसर पर आयोजित सर्वधर्म सम्मेलन में शामिल हुए। बाबा श्री चंद जी महाराज के 532वें प्रकाश पर्व के आयोजन देश के विभिन्न हिस्सों में भी हुए हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तप, संयम और आत्म-अनुशासन मानव जीवन की बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक विजय किसी दूसरे को पराजित करने में नहीं, बल्कि अपने भीतर के क्रोध, लोभ, अहंकार और नफरत पर नियंत्रण पाने में है।

Baba Sri Chand Ji Maharaj : सभी धर्मों का संदेश मानवता की सेवा

मुख्यमंत्री ने संतों और धर्माचार्यों का अभिनंदन करते हुए कहा कि अलग-अलग धर्मों की उपासना पद्धतियां, प्रार्थना के तरीके, वेशभूषा और भाषाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन मानवता, प्रेम, सेवा और परमात्मा से जुड़ना सभी का साझा संदेश है।

उन्होंने कहा कि सर्वधर्म सम्मेलन पंजाब की उस संस्कृति का संदेश देता है, जो लोगों को जोड़ने और मानवता को सर्वोपरि रखने की भावना पर आधारित है।

Baba Sri Chand Ji Maharaj : बाबा श्री चंद जी के जीवन को किया याद

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बाबा श्री चंद जी महाराज के जीवन और उनकी तप-साधना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बाबा श्री चंद जी का जीवन वैराग्य, तप और साधना की मिसाल है। उन्होंने संत परंपरा के धार्मिक स्थलों की सेवा-संभाल और गुरु नानक देव जी के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के आयोजक श्रद्धेय बाबा सुखदेव सिंह बेदी का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रकाश पर्व को सर्वधर्म सम्मेलन से जोड़कर विभिन्न समुदायों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।

Baba Sri Chand Ji Maharaj : हरियाणा-पंजाब की साझा विरासत का उल्लेख

नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा और पंजाब सिर्फ भौगोलिक रूप से एक-दूसरे के करीब नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों की सभ्यता, संस्कृति और संत परंपरा की विरासत भी साझा है। उन्होंने हरियाणा के कुरुक्षेत्र, पिहोवा, कैथल, जींद, सिरसा और अंबाला सहित विभिन्न क्षेत्रों में गुरु परंपरा और संतों से जुड़ी स्मृतियों का उल्लेख किया।

Baba Sri Chand Ji Maharaj : युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश

मुख्यमंत्री ने नशा, हिंसा, तनाव और भटकाव को युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों के रूप में बताया। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल, रोजगार, उद्यम और राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवा बाबा श्री चंद जी महाराज से आत्म-अनुशासन, श्री गुरु नानक देव जी से सेवा और गुरु परंपरा से साहस की प्रेरणा ले सकते हैं।

Baba Sri Chand Ji Maharaj : पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने गुरबाणी के संदेश ‘पवन गुरु, पानी पिता, माता धरत महत’ का उल्लेख करते हुए धार्मिक आयोजनों को स्वच्छता, जल संरक्षण और वृक्षारोपण से जोड़ने की बात कही।

उन्होंने कहा कि प्रकाश पर्व के अवसर पर पौधारोपण करना, जरूरतमंद की सहायता करना और युवाओं को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रयास करना संत परंपरा के प्रति सार्थक श्रद्धा का माध्यम हो सकता है।

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