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Election Commission SIR Decision: SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग की अहम बैठक, BLO को घर भेजने समेत कई बड़े फैसले

Election Commission SIR Decision

BY: Yoganand Shrivastva

Election Commission SIR Decision मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोपों और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच 26 सितंबर 2026 को चुनाव आयोग की अहम बैठक हुई। दोपहर 3 बजे हुई इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दोनों चुनाव आयुक्त भी मौजूद रहे। आयोग ने एसआईआर से जुड़े कई अहम फैसले लिए। बैठक के बाद आयोग की ओर से विभिन्न मुद्दों पर आधिकारिक जानकारी भी साझा की गई।

नोटिस पाने वालों के घर खुद जाएंगे बीएलओ

Election Commission SIR Decision आयोग ने फैसला किया है कि एसआईआर के दौरान अनमैप्ड या लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के आधार पर जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उनके घर बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ खुद जाएंगे। बीएलओ आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर उन्हें ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे। ऐसे मतदाताओं को सामान्य तौर पर ईआरओ या एईआरओ कार्यालय में सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जाएगा।

Election Commission SIR Decision अपवाद की स्थिति में ईआरओ के निर्णय के आधार पर सुनवाई की जा सकती है और ऐसी सुनवाई ऑनलाइन होगी। जरूरत पड़ने पर परिवार का कोई वयस्क सदस्य भी संबंधित मतदाता की ओर से सुनवाई में शामिल हो सकेगा। आयोग ने ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही है।

इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारियों को रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघर नागरिकों के लिए हेल्प डेस्क तथा विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ाई गई समयसीमा

Election Commission SIR Decision आयोग ने एसआईआर से संबंधित दावों और आपत्तियों की समयसीमा में भी बदलाव किया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की मांग पर दावा और आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है, जबकि इनके निपटारे की तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की मांग पर दावा और आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 और निपटारे की तारीख 10 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

आयोग ने यह भी कहा कि एसआईआर के लिए फॉर्म-6 के साथ लगाया गया घोषणा पत्र सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप बरकरार रहेगा। गैर-एसआईआर अवधि में मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित पुराने प्रपत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा।

ईसीआईनेट की होगी स्वतंत्र विशेषज्ञों से समीक्षा

Election Commission SIR Decision बैठक में ईसीआईनेट से जुड़े तकनीकी पहलू पर भी अहम फैसला लिया गया। आयोग के अनुसार फील्ड अधिकारियों को ईसीआईनेट पर भूमिका के अनुसार अधिकार दिए गए हैं। अब वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति ईसीआईनेट की समीक्षा करेगी। इसमें आईआईटी और आईआईआईटी के स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। समिति यह देखेगी कि पोर्टल कानून और निर्धारित नियमों के अनुरूप काम कर रहा है या नहीं।

आयोग ने कहा कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सुझावों के आधार पर पोर्टल में पहले ही कई सुधार किए जा चुके हैं। फील्ड अधिकारियों को अतिरिक्त सुविधा की जरूरत होने पर उसमें और बदलाव किए जाएंगे। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी कोई नई परियोजना अधिकारियों की समिति में चर्चा के बाद ही आयोग के सामने मंजूरी के लिए लाई जाएगी।

आयोग ने यह भी तय किया कि हर बैठक का एजेंडा पहले भेजा जाएगा और बैठक की कार्यवाही का विवरण जारी किया जाएगा। सभी अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट हर साल 31 दिसंबर तक पूरी करनी होगी। अधिकारियों के विदेश दौरे के लिए आयोग की अनुमति जरूरी होगी और आयुक्तों द्वारा अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।

आयोग के मुताबिक बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर पूरा हो चुका है। जिन लोगों के नाम एसआईआर के दौरान या उसके बाद छूट गए हैं, साथ ही युवा और पहली बार मतदान करने वाले नागरिक, निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के तहत अपने ईआरओ के पास आवेदन कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ को इसके लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र उसकी किसी नीति या सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से संबंधित नहीं था, बल्कि चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा था।

आयोग के अनुसार एसआईआर का आदेश 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सर्वसम्मति से जारी किया गया था और सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के आदेश में इसे बरकरार रखा। आयोग ने कहा कि तीसरे चरण के बाकी 12 राज्यों में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद ही मतदाताओं की अंतिम संख्या स्पष्ट होगी।

गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ को घर-घर जाकर छूटे हुए मतदाताओं के फॉर्म एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के अनुसार 97 में से 81 मतदाता पहले ही फॉर्म-6 भर चुके हैं।

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