रिपोर्ट: प्रशांत जोशी, कांकेर
कांकेर, 12 मई 2025 — बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर कांकेर में बौद्ध धर्म के अनुयायियों द्वारा विशेष पूजा-पाठ, हवन और सामूहिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान गौतम बुद्ध की शिक्षाओं को स्मरण करते हुए खीर व शरबत का वितरण किया और पुण्य अर्जित किया।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा वह दिव्य दिन है जब भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति तथा महापरिनिर्वाण तीनों ही घटनाएं एक साथ घटित हुई थीं। इस कारण यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत विशेष और पवित्र माना जाता है। इस दिन पूरे भारत सहित विश्व भर में भगवान बुद्ध को श्रद्धा से स्मरण किया जाता है।
कांकेर में आयोजित कार्यक्रमों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। दोपहर 2 बजे से पूजा और ध्यान कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अनुयायियों ने भाग लिया। इसके बाद 3 बजे से सामाजिक आयोजन शुरू हुए, जिसमें गौतम बुद्ध के जीवन और उनके उपदेशों पर आधारित चर्चा और भजन कार्यक्रम भी शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान खीर व शरबत का वितरण किया गया, जिसे स्थानीय लोगों और आगंतुकों ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक श्रद्धा को बल दिया, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया।
बुद्ध पूर्णिमा पर कांकेर की यह पहल न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है, बल्कि गौतम बुद्ध के शांति, करुणा और अहिंसा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास भी है।





