Report by: Suman
Sri Ganganagar: राजस्थान के Sri Ganganagar में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री Madan Dilawar ने सरकारी विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। कक्षा 1 से 8 तक चलने वाले इस स्कूल में व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई, जिससे मंत्री खासे नाराज दिखे।
Sri Ganganagar: प्रिंसिपल बिना अनुमति अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान स्कूल के प्रिंसिपल गिरजा शंकर मौके पर मौजूद नहीं मिले। बताया गया कि वे बिना अवकाश स्वीकृत कराए ही छुट्टी पर थे। इतना ही नहीं, दो अन्य शिक्षक भी बिना अनुमति के अनुपस्थित पाए गए, जिसे मंत्री ने गंभीर लापरवाही माना।
Sri Ganganagar: 700 की आबादी, स्कूल में सिर्फ 32 छात्र
मंत्री ने जब गांव की जनसंख्या के बारे में पूछा, तो स्टाफ ने बताया कि करीब 700 लोग गांव में रहते हैं। इसके बावजूद स्कूल में मात्र 32 छात्रों का नामांकन होना हैरान करने वाला था। इस पर मंत्री ने सवाल उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई।
Sri Ganganagar: 32 छात्रों पर 6 शिक्षक, फिर भी खराब परिणाम

विद्यालय में 32 छात्रों के लिए 6 शिक्षक तैनात हैं, लेकिन इसके बावजूद शैक्षणिक स्तर बेहद कमजोर पाया गया। मंत्री ने कहा कि इतनी कम संख्या में छात्रों पर भी यदि अच्छे परिणाम नहीं आ रहे हैं, तो यह शिक्षकों की लापरवाही को दर्शाता है।
Sri Ganganagar: बच्चों के जवाब से मंत्री हुए असंतुष्ट
मंत्री ने कक्षा 8 के छात्रों से सवाल-जवाब कर उनके ज्ञान का स्तर परखा। एक छात्र से जब 49 में 2 जोड़ने को कहा गया, तो उसने गलत जवाब दिया। इस पर मंत्री ने शिक्षकों को फटकार लगाते हुए कहा कि जब आठवीं के छात्र को सामान्य गणित नहीं आता, तो पढ़ाई कैसे हो रही है।
Sri Ganganagar: कक्षा में कम छात्र, पढ़ाई पर सवाल
निरीक्षण के दौरान कक्षा 7 में सिर्फ 3 छात्र ही मौजूद मिले। यह स्थिति देखकर मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि इतनी कम उपस्थिति और कमजोर स्तर चिंता का विषय है।
Sri Ganganagar: अधिकारियों को लगाई फटकार
मंत्री ने मौके पर मौजूद शिक्षा अधिकारी से पूछा कि क्या वे स्कूलों का नियमित निरीक्षण करते हैं या नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
Sri Ganganagar: दौरे की जानकारी के बावजूद लापरवाही
गौरतलब है कि मंत्री का यह दौरा पहले से तय था और इसकी जानकारी प्रशासन को थी। इसके बावजूद प्रिंसिपल का बिना अनुमति अनुपस्थित रहना गंभीर मामला माना जा रहा है।





