कौन है सोहम पारेख? अमेरिकी कंपनियों को चूना लगाने वाले भारतीय इंजीनियर का भंडाफोड़

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Soham Parekh Scam

एक नजर में

भारतीय टेक इंजीनियर सोहम पारेख पर अमेरिका की कई स्टार्टअप कंपनियों को एक साथ बिना उनकी जानकारी के नौकरी करने और धोखा देने का आरोप लगा है। अमेरिका में काम कर रहे भारतीय मूल के टेक फाउंडर ने खुद सोशल मीडिया पर इसका खुलासा किया है।

सोशल मीडिया पर खुला मामला

Playground AI के संस्थापक सुहैल दोशी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि सोहम पारेख एक साथ 3-4 स्टार्टअप्स में नौकरी कर रहे हैं। इनमें से कई कंपनियां यकॉम्बिनेटर (Y Combinator) से जुड़ी हैं। उन्होंने इसे “सार्वजनिक चेतावनी” (Public Service Announcement) बताते हुए लिखा,
“भारत का एक लड़का सोहम पारेख, एक साथ कई स्टार्टअप्स में काम कर रहा है। ये Y Combinator कंपनियों और अन्य स्टार्टअप्स को निशाना बना रहा है। सतर्क रहें।”

क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स के मुताबिक, पारेख ने कंपनियों को झूठे डॉक्यूमेंट्स, फर्जी जानकारी और अपनी लोकेशन छिपाकर धोखा दिया। आरोप है कि वह खुद को अमेरिका में दिखाता था, जबकि असल में भारत में ही रह रहा था। एक कंपनी ने उसे अमेरिका का ऑफिस लैपटॉप भी भेजा, जो बाद में “उसकी बहन” के पास पहुंचा।

सोहम पारेख का बैकग्राउंड

सुहैल दोशी द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पारेख ने 2022 में जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स किया है और 2020 में मुंबई यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में BE पूरा किया।
उनके प्रोफेशनल एक्सपीरियंस में ये शामिल हैं:

  • डायनामो AI में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर (2024 से अब तक)
  • यूनियन.ai में सीनियर फुलस्टैक इंजीनियर (2023-2024)
  • सिंथेसिया में सीनियर फुलस्टैक इंजीनियर (2021-2022)
  • एलन AI में फाउंडिंग सॉफ्टवेयर इंजीनियर (2021)
  • GitHub में ओपन सोर्स फेलो (2020)

कंपनियों को कैसे लगाया चूना?

कई स्टार्टअप्स के फाउंडर्स ने आरोप लगाया कि पारेख ने इंटरव्यू में लोकेशन, वीजा स्टेटस और प्रोफेशनल एक्सपीरियंस को लेकर झूठ बोला।

  • एलन AI छोड़ने की वजह पूछने पर उसने कहा, “मैं टीम में अकेला था।”
  • सिंथेसिया छोड़ने पर उसने “टाइम ज़ोन इश्यूज” बताए।
  • एंटीमेटल कंपनी छोड़ने पर उसने कहा, “कंपनी फिनऑप्स सेक्टर में जा रही थी, जो मुझे पसंद नहीं।”

कंपनियों ने कैसे पकड़ा?

  • लिंडी कंपनी ने उसे हायर करने के एक हफ्ते में ही निकाल दिया।
  • Spatial Cinematics और AIVideo.com के को-फाउंडर जस्टिन हार्वे ने बताया कि वह उसे लगभग हायर करने ही वाले थे।
  • Digger कंपनी के फाउंडर ने बताया कि तीन अन्य कंपनियों ने उन्हें पारेख के धोखाधड़ी के बारे में सतर्क किया।
  • Create.xyz कंपनी ने उसे हायर भी किया, लेकिन उसके झूठ पकड़ में आने के बाद तुरंत निकाल दिया।

क्या बोले खुद सोहम पारेख?

सोशल मीडिया पर सामने आए चैट्स के मुताबिक, पारेख ने सुहैल दोशी से संपर्क कर पूछा,
“क्या मैंने पूरी तरह से अपना करियर बर्बाद कर लिया? मैं अपनी गलती सुधारना चाहता हूं और सब कुछ साफ-साफ बताने को तैयार हूं।”

टेक इंडस्ट्री में मचा हड़कंप

इस मामले ने अमेरिकी टेक इंडस्ट्री में खलबली मचा दी है। कई लोगों का मानना है कि सोहम पारेख अकेला नहीं है, बल्कि हजारों ऐसे लोग हो सकते हैं जो इसी तरह कंपनियों को धोखा दे रहे हैं।
लिंडी कंपनी के फाउंडर फ्लो क्रिवेलो ने कहा,
“हमें ऐसी घटनाओं में पब्लिक शेमिंग करनी चाहिए ताकि बाकी कंपनियां भी सतर्क रहें।”

क्यों है ये मामला अहम?

  • रिमोट वर्क कल्चर में बढ़ती धोखाधड़ी को उजागर करता है।
  • कंपनियों के बैकग्राउंड चेक प्रोसेस पर सवाल खड़े करता है।
  • टेक इंडस्ट्री में भरोसे की कमी की गंभीरता दिखाता है।

निष्कर्ष

सोहम पारेख का मामला टेक इंडस्ट्री में भरोसे और ट्रांसपेरेंसी की जरूरत को सामने लाता है। कंपनियों को अब ज्यादा सतर्क होकर हायरिंग करनी होगी। वहीं, जो लोग ऑनलाइन करियर बना रहे हैं, उनके लिए ये एक बड़ा सबक है कि ईमानदारी ही लंबा रास्ता तय करने का एकमात्र जरिया है।

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